बोर्ड में संस्कृत की परीक्षा में शत प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों का होगा सम्मान..

संस्कृत मित्र मंडल की विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन
संस्कृत वसुधैव कुटुंबकम् का पाठ पढ़ाता है
सम्मेलन में संस्कृत बोलते दिखे शिक्षक

भिलाई। संस्कृत भाषा एवं संस्कृति के संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृत मित्र मंडल द्वारा एक भव्य विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के अनेक संस्कृत शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, जिनमें शहर के ने भी सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम का सफल संयोजन महासचिव डॉ. अजय आर्य द्वारा किया गया। मंच पर संस्थाध्यक्ष आभा चौरसिया, उपाध्यक्ष अनुपमा उपाध्याय एवं सेवानिवृत्त संस्कृत शिक्षिका रेखा पंड्या सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

स्वगत भाषण देते हुए आभा चौरसिया ने बताया कि संस्कृत मित्र मंडल शहर में संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है।

महासचिव डॉ. अजय आर्य ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रतिवर्ष अगस्त माह को “संस्कृत माह” के रूप में मनाया जाता है, जिसमें ग्रीटिंग कार्ड निर्माण, पोस्टर मेकिंग तथा संस्कृत समूह गीत जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष सीबीएसई परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले लगभग 150 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया था तथा इस वर्ष कार्यक्रम को और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा।

कार्यक्रम का प्रारंभ पंकज सोनी द्वारा बॉलीवुड गीत की संस्कृत प्रस्तुति से हुआ, जिसने सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात अनुपमा उपाध्याय ने अपनी स्वरचित कविता का प्रभावी वाचन किया, वहीं डॉ. अजय आर्य ने भी “हम संवर गए” कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

रेखा पंड्या का भव्य सम्मान
साथियों के बीच भावविभोर हुई। इस अवसर पर 35 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण सेवा देने वाली सेवानिवृत्त संस्कृत शिक्षिका रेखा पंड्या का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्हें दिल्ली की ‘अध्यात्म पथ’ पत्रिका की ओर से “आर्य महिला गौरव सम्मान” से अलंकृत किया गया। उल्लेखनीय है कि अध्यात्म पथ पत्रिका के संपादक आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री एवं सह संपादक डॉ अजय आर्य हैं। इसके साथ ही संस्कृत मित्र मंडल की ओर से आकर्षक स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में रेखा पंड्या ने कहा कि जीवन में सुख-दुख और उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, किन्तु संघर्ष ही जीवन का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर में आस्था रखने से समस्याओं का समाधान संभव होता है और उनसे जूझने की शक्ति प्राप्त होती है।
वेद प्रकाश एवं डॉ. अजय आरएस संस्कृत में वक्तव्य प्रस्तुत किया।
संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब वे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं संस्थागत गतिविधियों में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाते हुए संस्कृत के प्रचार-प्रसार में योगदान देंगी।

कार्यक्रम में सुमिता प्रकाश, झरना धमदे, वेद प्रकाश, अनुपमा उपाध्याय प्रीति भट्ट, अमित कुमार मिश्रा, झरना धमदे, राजेश्वरी वर्मा, गीता ईश्वर, ईश्वरी देवांगन, जॉली थॉमस, कविता रुंडेले, वेद प्रकाश, विजय लक्ष्मी, दिनेश कुमार शुक्ल, संतोष दाहतोंडे, आभा नेवालकर, पति राम साहू, मनोरमा गुप्ता,शांति साहू, सुश्री अनामिका मानिकपुरी, एस. वीना पटेल, पंकज कुमार सोनी, आशा यादव, सुमिता रैकवार, आरती श्रीवास्तव, जसविंदर कौर, संदीपा अरोरा, कल्पना स्वरूप शर्मा, अनुपमा उपाध्याय, रेखा पंड्या, मोहिनी लाड, संयोगिता त्रिपाठी, सुमिता प्रकाश, धीरज मणि आर्य, मनीषा सोनी सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

इन विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया- डीपीएस दुर्ग, केपीएस, सुंदर नगर, नेहरू नगर, एमजीएम, डीएवी हुडको, डीपीएस रिसाली, हेरिटेज, विश्वदीप, ज्योति पब्लिक स्कूल चरोदा, शंकरा, सेक्टर 10, बीएसपी, सेक्टर 10, रूंगटा पब्लिक स्कूल डीपीएस दुर्ग, केंद्रीय विद्यालय।

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