महादेव बेटिंग केस में ED का बड़ा एक्शन..

सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की देश-विदेश की संपत्तियां अटैच

रायपुर। चर्चित महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है।

दुबई से दिल्ली तक फैली प्रॉपर्टी
ED द्वारा जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर में
दुबई (UAE) में 18 हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी
नई दिल्ली में 2 अचल संपत्तियां
शामिल हैं। इनमें बुर्ज खलीफा, दुबई हिल्स एस्टेट, बिजनेस बे और SLS होटल जैसी प्राइम लोकेशन पर लग्ज़री विला और हाई-एंड अपार्टमेंट शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय बेटिंग सिंडिकेट का खुलासा
जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय बेटिंग नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था, जिसे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से संचालित कर रहे थे।
यह नेटवर्क देशभर में फ्रेंचाइज़ आधारित ‘पैनल सिस्टम’ से चलता था, जहां मुनाफे का 70-75% हिस्सा सीधे प्रमोटरों के पास जाता था।
हवाला और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
ED की जांच में खुलासा हुआ कि अवैध कमाई को
फर्जी बैंक खातों
हवाला नेटवर्क
क्रिप्टोकरेंसी
के जरिए विदेश भेजा गया और बाद में इसे भारत व UAE में संपत्तियों में निवेश किया गया।
अब तक 4300 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
इस मामले में अब तक ED
175 से ज्यादा ठिकानों पर छापे
13 आरोपियों की गिरफ्तारी
74 लोगों को आरोपी
बना चुकी है। कुल मिलाकर 4336 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क/फ्रीज की जा चुकी हैं।
भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई जारी
ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत अन्य आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
ED की इस बड़ी कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय बेटिंग सिंडिकेट पर शिकंजा और कस गया है, और आने वाले समय में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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