भाजपा से जुड़े दो गुटों में वर्चस्व की जंग, टिपर से टक्कर मार पेट्रोल डालकर लगाई आग; 4 आरोपी हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार
बैकुंठपुर/सोनहत। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में मंगलवार रात रेत कारोबार और इलाके में वर्चस्व को लेकर भाजपा से जुड़े दो गुटों के बीच हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। हमलावरों ने सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को पहले टिपर से टक्कर मारकर दरवाजे जाम किए, फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में सवार भरत सिंह, शिक्षक नागेंद्र सिंह और विरेंद्र सिंह की जलकर मौत हो गई। मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों का रायपुर में इलाज चल रहा है।
ऐसे हुई वारदात: टिपर से मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा
पुलिस के मुताबिक 16 जून की रात करीब 11 बजे भरत सिंह अपने रिश्तेदारों और परिचितों के साथ तीन गाड़ियों में गांव जा रहे थे। इसी दौरान भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी, उसके रिश्तेदारों और साथियों ने भरत सिंह की फॉर्च्यूनर को घेर लिया। आरोपियों ने टिपर से कई बार जोरदार टक्कर मारी, जिससे कार के दरवाजे जाम हो गए और कोई बाहर न निकल सके। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
जो लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें बाहर खड़े आरोपियों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। आग की लपटों में घिरे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कार के अंदर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे विरेंद्र सिंह ने अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन पर धारदार हथियार से भी वार किया गया था। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। तीसरे मृतक शिक्षक नागेंद्र सिंह भरत सिंह के रिश्ते में भाई लगते थे। मंगलवार को रायपुर ले जाते समय बिलासपुर के पास रास्ते में उनकी मौत हो गई। मयंक सिंह दूसरी गाड़ी में थे।

रेत ठेका और कमीशन बना खूनी रंजिश की वजह
मृतक भरत सिंह सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष थे। बैकुंठपुर महलपारा में भी उनका मकान है। कटगोड़ी से लगे नौगई में उनका पुराना मकान है। क्षेत्र में वे बड़े ठेकेदार और क्रशर कारोबारी के रूप में जाने जाते थे। हाल ही में उनके चचेरे भतीजे मयंक सिंह के नाम पर रेत का ठेका मिला था। वहीं गांव के ही दूसरे भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के डंपरों से रेत का परिवहन होता था।
रेत घाट, अवैध खनन और कमीशन की हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों में महीनों से वर्चस्व की जंग चल रही थी। पहले भी दोनों पक्षों में झड़प हो चुकी थी और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
एक दिन पहले भी दर्ज हुई थी FIR
रेत घाट को लेकर सोमवार को भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह और उनके भाई के बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
सात पर नामजद केस, चार हिरासत में
मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी भी भाजपा से जुड़ा है। पुलिस ने मनोज त्रिपाठी, उसके बेटे और रिश्तेदारों समेत सात लोगों पर नामजद अपराध दर्ज किया है। वारदात में शामिल अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी फरार है। पुलिस का कहना है कि रेत के कारोबार में राजनीतिक संरक्षण के चलते यह वर्चस्व की लड़ाई खूनी संघर्ष में बदल गई।
आईजी पहुंचे गांव, इलाके में तनाव
वारदात की खबर पर सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा देर रात ही गांव पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए रात में ही आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। नौगई समेत पूरे सोनहत क्षेत्र में तनाव का माहौल है। फोरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।