फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्प के जरिए पीड़ित से ठगी, विदेशी स्कैम सेंटर तक पैसे पहुंचाने का खुला खेल..
राजनांदगांव साइबर सेल ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सवा करोड़ रुपये की शेयर ट्रेडिंग ठगी के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 3 आरोपियों को मध्यप्रदेश से और गिरोह के दो अन्य सदस्य धर्मेन्द्र कुमार और राजेश मंडल को ओडिशा से धर दबोचा गया। आरोपी फर्जी वेबसाइट लिंक और मोबाइल एप्प का इस्तेमाल कर पीड़ितों के बैंक खाते से धन ट्रांसफर कर विदेश स्थित स्कैम सेंटर तक पहुंचाते थे।
राजनांदगांव के युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट लिंक भेजकर ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर कुल 1,21,53,590/- रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने पहले छोटे लाभ दिखाकर पीड़ित का भरोसा हासिल किया और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर उसे धोखा दिया।
साइबर गिरोह का तरीका बेहद चतुर और खतरनाक था। आरोपी खाता धारकों के मोबाइल में .APK एप्प इंस्टाल कर ओटीपी और मैसेज सीधे गिरोह तक पहुंचाते थे। इसके अलावा खाता धारकों को निगरानी में रखते हुए एटीएम कार्ड और चेकबुक भी अपने पास रखते थे।
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार और थाना प्रभारी निरीक्षक नंद किशोर गौतम के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी जांच, बैंक मनी ट्रेल और फील्ड कार्रवाई के माध्यम से आरोपी पकड़ने में सफलता हासिल की। मध्यप्रदेश से 3 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद टीम ओडिशा रवाना हुई और वहां से धर्मेन्द्र कुमार और राजेश मंडल को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा कमीशन क्रिप्टो (USDT) में लिया जाता था। गिरोह टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहकर लगातार साइबर ठगी करता था। अब म्यूल खाता प्रोवाइडर, खाता धारक और फ्रॉड राशि निकालने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सभी गिरफ्तार आरोपियों को 3 दिसंबर को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या संदेहास्पद निवेश में विश्वास न करें। साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को तुरंत सूचना दें।
पुलिस का संदेश:
“राजनांदगांव पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। यह गिरफ्तारी केवल पीड़ित को न्याय दिलाने में नहीं, बल्कि संभावित ठगों के लिए चेतावनी भी है। सतर्क रहें, जागरूक रहें और साइबर अपराधियों से दूर रहें।”
क्या हुआ?
- युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट लिंक भेजकर निवेश का लालच दिया गया।
- पहले छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीतने के बाद बड़ी रकम से धोखा किया गया।
- कुल 1,21,53,590/- रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवाए गए।
गिरोह का तरीका:
- मोबाइल में .APK एप्प इंस्टाल कर OTP और मैसेज सीधे गिरोह तक भेजा जाता था।
- खाता धारकों को निगरानी में रखते हुए एटीएम और चेकबुक अपने पास रखते थे।
- कमीशन क्रिप्टो (USDT) में मिलता था।
- गिरोह टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था।
पुलिस कार्रवाई:
- साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार और थाना प्रभारी नंद किशोर गौतम के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी जांच, बैंक मनी ट्रेल और फील्ड कार्रवाई की।
- मध्यप्रदेश से 3 आरोपी पकड़े गए; ओडिशा से 2 आरोपी धर्मेन्द्र कुमार और राजेश मंडल गिरफ्तार।
- सभी आरोपियों को 3 दिसंबर को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया।
पुलिस का संदेश:
- किसी भी अज्ञात लिंक, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या संदिग्ध निवेश पर भरोसा न करें।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को तुरंत सूचित करें।
- यह गिरफ्तारी केवल पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि संभावित ठगों के लिए चेतावनी भी है।
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