भंडारण में गड़बड़ी पर नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब
सीएम साय के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस, दुर्गम इलाकों में ड्रोन से निगरानी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने 21 जून की रात एमसीबी जिले में औचक निरीक्षण किया।
ड्रोन सर्वे से पकड़ी गई गड़बड़ी
टीम ने तहसील केल्हारी के दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।

सीएम बोले: अवैध खनन के लिए कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। अवैध खनन और भंडारण में संलिप्त पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी
खनिज सचिव पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन और संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी की जाए। विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इससे अवैध रेत खनन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम और जिला स्तरीय टीम के अधिकारी मौजूद रहे। खनिज विभाग का मैदानी अमला जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है।