सांस्कृतिक साझेदारी और दर्शनीय स्थलों पर हुई सार्थक चर्चा
छत्तीसगढ़। लखनऊ में आयोजित 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में केंद्रीय विद्यालय दुर्ग तथा रायपुर संभाग के स्काउट और गाइड्स गर्व और उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। स्काउट टीम में सुजल वर्मा ऋषभ वर्मा ऋषभ चतुर्वेदी शिवम राय मोनिश लैशर संभव प्रताप उपाध्याय आदर्श कुमार और कृष्णकांत शामिल हैं। गाइड्स टीम में साक्षी साहू अनुष्का शर्मा गरिमा वर्मा रिया ठाकुर आरुषि साह ज्योति बांधे मानवी सोनी और अनुग्रह बंजारे भाग ले रही हैं। इस दल का अनुश्रवण डॉ अजय आर्य और डॉ मोना अली द्वारा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की टीम कड़ाके की सर्द रातों में टेंट में रहकर कठोर अनुशासन और सामूहिक जीवन पद्धति का अनुकरण करते हुए नेतृत्व क्षमता आत्मनिर्भरता और समय प्रबंधन का सशक्त प्रशिक्षण ले रही है। कैंपफायर के दौरान छात्र-छात्राएँ छत्तीसगढ़ी वेशभूषा और लोक-संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन कर रहे हैं। राउत नाचा नाचे गेड़ी जैसी अभ्यास ध्वनियाँ पूरे परिसर को ऊर्जा से भर रही हैं।
आज विद्यार्थियों ने पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के स्काउट्स के साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकात कर सांस्कृतिक साझेदारी पर विमर्श किया। बातचीत के दौरान दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत की समानताओं पर चर्चा की गई। छात्रों ने भारत और नेपाल की मुद्रा का अवलोकन किया और स्मृति संग्रह के रूप में संरक्षित किया। जनकपुर काठमांडू और पशुपति नाथ जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात सिरपुर बस्तर दंतेश्वरी मंदिर और माँ बमलेश्वरी डोंगरगढ़ की ऐतिहासिक महत्ता से नेपाल के स्काउट्स को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर डॉ अजय आर्य ने पूर्व राज्य प्रशिक्षण आयुक्त डॉ वी के तिवारी से सौहार्दपूर्ण भेंट कर प्रशिक्षण के विविध आयामों पर सार्थक चर्चा की। डॉ वी के तिवारी ने कहा- जंबूरी में रहने मात्र से व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आता है केयरिंग शेयरिंग सहयोग और मानवीय संवाद जीवन का स्थायी संस्कार बन जाता है और वर्तमान समाज को इसकी अत्यधिक आवश्यकता है।
आज छत्तीसगढ़ की यह टीम केवल प्रतिनिधित्व नहीं कर रही बल्कि यह संदेश दे रही है कि युवा शक्ति ही आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान है। संयुक्त अनुभव साझा जीवन और सांस्कृतिक एकता से भविष्य के योग्य नेतृत्व का निर्माण संभव है।
