पहले छत्तीसगढ़ की बदहाल हो चुकी कानून व्यवस्था की समीक्षा करे

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बद्तर हो चुकी कानून व्यवस्था की समीक्षा पहले होनी चाहिये। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा डीजीपी कांन्फ्रेस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी आ रहे। प्रदेश अपराध गढ़ बन गया है। कानून व्यवस्था चौपट हो गयी है। अपराधियों के आतंक से जनता घबराई हुई। प्रदेश में प्रतिदिन दर्जन भर से अधिक महिलाओं की अस्मत लूटी जा रही है। प्रतिदिन 6 से अधिक हत्या, प्रतिदिन 10 लूटपाट, प्रतिदिन 10 से अधिक अपहरण, प्रतिदिन 24 चोरी, प्रतिदिन 8 डकैती की घटना हो रही है।

चाकूबाजी, छोड़छाड़, मारपीट की घटना आम हो गई। नशीली वस्तुओं की तस्करों का हब बन गया है। ड्रग्स, अफीम, गांजा, सूखा नशा, शराब, अवैध शराब चौक-चौराहों में बिक रहा है। गृहमंत्री विजय शर्मा जनता को शांत, भयमुक्त वातावरण देने में असफल हो गये है। मोदी की गारंटी पूरी तरह फ्लाप हो गई है। राज्यों की कानून व्यवस्था पर चर्चा की जायेगी तथा राज्यों की कानून व्यवस्था की समीक्षा होगी एवं भविष्य की रणनीति भी बनाये जायेगी। ऐसे में इस कांन्फ्रेस में छत्तीसगढ़ के बिगड़ चुके कानून व्यवस्था के बारे में भी विचार किया जाना चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा अकेला राज्य है, जहां पर कलेक्टर, एसपी कार्यालय जला दिया गया, अपराधी को गांव वालो ने उसके घर में जिंदा जला दिया, एसडीएम को जनता मारने दौड़ा दिया उसे जान बचाकर भगाना पड़ा। राज्य की राजधानी में 2 साल में गोलीबारी की घटना हो गयी, राज्य में मासूम बच्चियां महिलाएं सुरक्षित नहीं है। हर दिन बलात्कार और हर दूसरे दिन 3 सामूहिक दुराचार की घटनाएं हो रही है। राजधानी चाकू पुर बन गया है।

ऐसे में छत्तीसगढ़ की बढ़ती अपराधिक घटनाओं को दृष्टांत मानकर डीजी कांन्फ्रेस में इस पर विमर्श होना चाहिये। छत्तीसगढ़ डीजीपी कांन्फ्रेस का मेजबान राज्य है अतः यहां की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था पर मंथन इस कांन्फ्रेस में होना ही चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान से ड्रग पहुंच रहा। पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लोग छत्तीसगढ़ में पकड़ा रहे है। खुद राज्य के गृहमंत्री दावा करते है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बंग्लादेशी एवं पाकिस्तानी नागरिक घुसपैठ करके आये है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिये कि प्रदेश के हृदय स्थल में घुसपैठिये अपराधी कैसे पहुंच रहे है? छत्तीसगढ़ में घुसपैठिये पहुंचना केन्द्र सरकार की भी बड़ी विफलता है।

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