तीसरे प्रयास में चमत्कार — पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान**
रायपुर/दुर्ग। बीती रात CGPSC 2024 का परिणाम आया और सुबह होते-होते पूरे प्रदेश में एक ही नाम हर ज़ुबान पर छा गया— देवेश प्रसाद साहू, दुर्ग जिले के धनोरा ग्राम के निवासी, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में फर्स्ट रैंक हासिल कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा दिया। धनोरा का यह युवा अब राज्य प्रशासन का नया चेहरा बनने जा रहा है।
गाँव धनोरा से प्रशासनिक शिखर तक — प्रेरणा की मिसाल
दुर्ग जिले का छोटा-सा ग्राम धनोरा, जहाँ खेती-किसानी और मजदूरी करने वाले परिवारों की बहुसंख्या है, वहीं से निकलकर देवेश ने प्रदेश के सबसे कठिन परीक्षा में पहला स्थान पाकर पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया है।
देवेश के पिता BSP के FSNL विभाग में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत थे। परिवार में संसाधन सीमित थे लेकिन सपनों की कोई सीमा नहीं थी। मां-बाप का एक ही सपना — बेटा पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करे।
सीमित साधनों के बीच बड़ा सपना
देवेश की शुरुआती पढ़ाई स्थानीय स्कूलों में हुई। बाद में उन्होंने बस्तर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से BE (इंजीनियरिंग) किया। गाँव से इंजीनियरिंग तक का सफर भी आसान नहीं था, लेकिन असली परीक्षा तो आगे थी — CGPSC।
- पहले दो प्रयास असफल रहे।
- परिवार और समाज का दबाव, साथियों की बढ़ती चुनौतियाँ — लेकिन देवेश नहीं रुके।
- यही वह मोड़ था जिसने उनकी सोच बदल दी।
कोचिंग छोड़ी… और तीसरी बार में मारी बाज़ी
देवेश ने शुरुआती तैयारी में दो साल कोचिंग की, लेकिन आगे चलकर उन्होंने महसूस किया कि सफलता का रास्ता स्व-अध्ययन से निकलेगा। तीसरी बार की तैयारी में उन्होंने—
- दिन का बड़ा हिस्सा सेल्फ-स्टडी,
- लगातार उत्तर लेखन अभ्यास,
- समाचार विश्लेषण और नोट्स,
- समय प्रबंधन और मॉक टेस्ट
को अपनी रणनीति का आधार बनाया।
परिणाम—इस बार सिर्फ पास नहीं हुए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
“पहले दो प्रयासों ने मुझे मजबूत बनाया” — देवेश की सोच
देवेश अपने इंटरव्यू में अक्सर कहते हैं—
“मेरी असफलताएँ ही मेरी सबसे बड़ी शिक्षक रहीं।
मैं गिरा, सीखा… और तीसरी बार खड़ा होकर पूरे राज्य में पहला बन गया।”
यही जज़्बा उन्हें आज के युवाओं के लिए प्रेरणा-स्तंभ बनाता है।
धनोरा में उत्सव जैसा माहौल – लोग बोले: हमारे गाँव का बेटा छत्तीसगढ़ का गौरव
परिणाम आने के बाद धनोरा में खुशी की लहर दौड़ गई। इलाके में लोग एक-दूसरे को मिठाई बाँटते दिखे। देवेश के घर के बाहर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
गाँव के बुजुर्ग बोले – “हमने सोचा भी नहीं था कि हमारा बच्चा पूरा प्रदेश टॉप कर देगा।”
युवाओं के लिए वे रोल मॉडल बन चुके हैं।
परिवार की आँखों में खुशी के आँसू — “हमारे बेटे ने हमारा नाम रोशन किया।”
देवेश का संदेश युवाओं के लिए
देवेश कहते हैं—
- “CGPSC हो या कोई भी परीक्षा — ठान लो तो रास्ता खुद बनता जाता है।”
- “कोचिंग मदद करती है, लेकिन सफलता आपकी अनुशासित पढ़ाई से मिलती है।”
- “असफलता से डरना नहीं — वही आपको मज़बूत बनाती है।”
आगे की राह – अब बनेगा छत्तीसगढ़ का नया प्रशासनिक चेहरा
CGPSC ने मेरिट लिस्ट जारी कर दी है, चयन सूची और अंतिम पद-आवंटन जल्द होगा।
इस रैंक के साथ देवेश प्रसाद साहू को राज्य की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण पद मिलने की पूरी संभावना है।
निष्कर्ष
धनोरा का यह बेटा न केवल अपने परिवार का गौरव बना है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश दे रहा है कि—
“सपने बड़े रखो, हालात चाहे जैसे हों… मेहनत के दम पर पहाड़ भी जीते जाते हैं।”
