भिलाई में पढ़े सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी की भूमिका, दोस्त ने जताया गर्व
मुंद्रा/भिलाई | ईरान-इजराइल तनाव के बीच वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़े खतरे के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के दो जहाज एलपीजी टैंकर के साथ सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर देश पहुंचे, जिनमें से एक जहाज सोमवार को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा।
शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के इस विशालकाय जहाज ‘शिवालिक’ पर करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ था। जहाज का संचालन कप्तान सुखमित सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिसमें कुल 27 क्रू मेंबर्स लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत रहे।

इस मिशन में खास बात यह रही कि जहाज पर सेकंड इंजीनियर के रूप में कार्यरत अंश त्रिपाठी, जिन्होंने बीआईटी दुर्ग से शिक्षा प्राप्त की है, ने भी अहम भूमिका निभाई। मूल रूप से जमशेदपुर के निवासी अंश त्रिपाठी की इस उपलब्धि से भिलाई का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।
अंश के सुरक्षित भारत लौटने पर उनके मित्र एवं भिलाई के पूर्व पार्षद कुलेश्वर प्रसाद (रिंकू साहू) ने खुशी जताते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि भिलाई में पढ़े युवा देश-विदेश में जाकर राष्ट्र सेवा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने फोन पर अंश से बात कर उनका हालचाल जाना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रिंकू साहू ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच इस तरह का सुरक्षित ऑपरेशन भारतीय समुद्री शक्ति और हमारे नौसैनिक व व्यापारी बेड़े की दक्षता को दर्शाता है।
यह सिर्फ एक जहाज की वापसी नहीं,
बल्कि कठिन हालात में देश की आपूर्ति और सम्मान को सुरक्षित रखने की मिसाल है।