पुर्नगठन वाले सोसायटी के अस्तित्व में आए बगैर वहां प्रबंधक की नियुक्ति
राजनांदगांव। सहकारिता मंत्री के करीबी बनकर पद, प्रभाव और रिश्तेदारी के आड़ में एक अफसर ने नियम कायदों को दरकिनार कर दिया है। राजनांदगांव के छुरिया ब्लाक में पुर्नगठित सोसायटी जो अस्तित्व में ही नही आया हैं, उस सोसायटी में सहकारिता विभाग ने शुभम कांडे को सोसायटी प्रबंधक पद पर पूर्ण प्रभार दे दिया है। इसी तरह दूसरे रिश्तेदार सौम्य कांडे पिता कृष्ण कुमार कांडे को भी बगैर विज्ञापन और नियम को पालन किए बगैर शिकारीमहका सोसायटी में लिपिक सह कम्प्यूट आपरेटर के पद नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया है। एक अप्रैल को दोनो की नियुक्ति आदेश जारी होने से हड़कंप मच गई हैं। इस पूरे खेल में सहकारिता मंत्री के ओएसडी और राजनांदगांव सहकारी संस्था के डीआर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
इन दोनो पदों पर जिनकी नियुक्ति की गई, वो दोनो सगे भाई हैं। इसे लेकर यह आरोप और खूब चर्चा भी है कि, दोनो सहकारिता मंत्री के करीबी ओएसडी के रिश्तेदार है। ओएसडी पहले भी राजनांदगांव में कई पदों पर रहे है। क्योकि जिस तरह नियमों को ताक में रखकर प्रक्रिया अपनाई गई हैं, उसे कई सवाल खड़े होना लाजिमी है। इससे पहले भी भोलापुर समिति में भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को लिपिक पद पर नियुक्त किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिव सहकारिता विभाग मंत्रालय रायपुर व पंजीयक सहकारी संस्थाएं सहकारिता विभाग रायपुर को की गयी शिकायत के अनुसार उपायुक्त सहकारिता द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र एवं पंजीयक द्वारा बनाये गये सेवा नियम से हट कर आदेश पारित किया गया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित झिथराटोला पंजीयन क्रमांक 1105 के अधीन घुपसाल सोसायटी में शुभम पिता कृष्ण कुमार काण्डे को सहायक समिति प्रबंधक के पद पर पदोन्नति इस प्रत्याशा से की गई थी कि, झिथराटोला का घुपसाल सोसायटी जल्द ही अस्तित्व में आएगा, जबकि यह अस्तित्व में नही आया है। शुभम काण्डे को संस्था का संपूर्ण प्रभार प्रभारी समिति प्रबंधक के रूप में देते हुये उपायुक्त सहकारिता को सूचित करें का आदेश जारी किया गया है।
0 पहले भी नियम को किया था दरकिनार
इसी प्रकार पूर्व में भी सन 2020-21 में शुभम कांडे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी था, उसे शिकारीमहका समिति के पुनर्गठन के पश्चात नवीन समिति झिथराटोला में लिपिक के पद पर पदोन्नति कर नियुक्त कर दिया गया। जबकि यह नियुक्ति बिना समिति की बैठक नहीं हो सकती। समिति के सभी सदस्यों को सूचित कर बैठक आयोजित की जाती है, तब नियुक्ति होती है। लेकिन आनन फानन में बिना नियम कानून के लगातार नियुक्ति गलत ढंग से की जा रही है। जिसकी शिकायत प्रदेश स्तर पर तो की ही गई है। उसके अलावा संयुक्त पंजीयन संभाग दुर्ग उपायुक्त राजनांदगांव सहकारिता अधिकारी छुरिया के साथ-साथ जिलाधीश को भी की गई है। इसके बाद भी राजनांदगांव डीआर द्वारा आदेश जारी कर उसे बड़े पदों में सुशोभित कर दिया गया।
0 दोनो की नियुक्ति, बड़े अधिकारियों से रिश्तेदारी का फायदा
शुभम के सगे भाई सौम्य काण्डे की भी नियुक्ति संस्था के नियम के विरुद्ध कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति मर्यादित झिथराटोला में सौम्य पिता कृष्णकुमार काण्डे की नियुक्ति सेवा सहकारिता समिति मर्यादित शिकारीमहका में रिक्त पद लिपिक सह कम्प्युटर ऑपरेटर पद पर की गई है। पूर्व में भी इन्हें नियमों की अनदेखी कर लिपिक पद पर लिपिक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर समायोजित किये जाने का आदेश दिया गया है जो संस्था के सेवा नियम 2018 के कंडिका 6 एवं 7 के प्रावधानों का घोर उल्लघंन है।
0 इन नियमों का पालन नही, इसलिए सवाल
सामान्य प्रक्रिया के अनुसार ऐसे भर्ती के लिए सहकारिता के नियमों के अनुसार पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन, फिर आवेदन आमंत्रित, चयन समिति का गठन, परीक्षा व साक्षात्कार के बाद अनुमोदन के लिए प्रस्ताव दिए जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन इसमें ऐसा कुछ नही किया गया। निचले कर्मचारी को आदेश देकर प्रभारी सौंपने की बात कही गई है। जिससे प्रशासनिक अराजकता स्पष्ट झलक रही है। सूत्रों ने बताया कि, पूर्व में सहकारिता के बड़े अफसर मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, बालोद में रह चुके थे। तब भी इसी तरह कथित रूप से फर्जी, अनियमित नियुक्तियां की गईं और आर्थिक अनियमितताओं से लाभ कमाने के आरोप लगे, जिसकी खूब चर्चा भी हुई।
