एसएनजी द स्वीट मेलोडीज़ का 7वां वार्षिक समारोह भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न — 60 से 90 के दशक के सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
भिलाई। भिलाई के कला एवं संगीत प्रेमियों के लिए रविवार की शाम बेहद खास और यादगार रही। एसएनजी द स्वीट मेलोडीज़ (SNG The Sweet Melodies) द्वारा आयोजित संस्था के 7वें वार्षिक समारोह “एक शाम सुनहरे नग़मों के नाम” का भव्य आयोजन कला मंदिर प्रेक्षागृह, सिविक सेंटर, भिलाई में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों, गणमान्य अतिथियों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुराने सदाबहार गीतों की सुरमयी प्रस्तुतियों से सभागार गूंजता रहा और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साह तालियों के साथ बढ़ाया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें 60 के दशक से लेकर 70, 80 और 90 के दशक तक के लोकप्रिय एवं सदाबहार फिल्मी गीतों को प्रस्तुत किया गया। इन गीतों ने उपस्थित श्रोताओं को पुराने दौर की सुनहरी यादों में पहुंचा दिया। एक के बाद एक बेहतरीन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया और दर्शक देर तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजकों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान संगीत प्रेमियों के विशेष अनुरोध पर श्री विजय बघेल जी ने स्वयं भी एक गीत प्रस्तुत किया। उनके द्वारा गीत प्रस्तुत किए जाने की घोषणा होते ही सभागार में उत्साह का माहौल बन गया। जैसे ही उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सांसद जी की इस सहज एवं आत्मीय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।
एसएसपी विजय अग्रवाल कार्यक्रम में नहीं आ सके, लेकिन उनका सम्मान विशेष रूप से किया गया
कार्यक्रम में दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। शहर में उत्पन्न कुछ आवश्यक परिस्थितियों एवं व्यस्तताओं के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। आयोजकों ने उनकी अनुपस्थिति को समझते हुए उनके सम्मान को कार्यक्रम में बनाए रखा। एसएसपी विजय अग्रवाल के लिए तैयार किया गया प्रतीक चिन्ह (स्मृति चिन्ह) उनकी ओर से प्राप्त करने एवं बाद में उन्हें पहुंचाने के लिए एक्स आर्मी हरप्रीत सिंह को मंच पर प्रदान किया गया। इस प्रकार कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने के बावजूद एसएसपी विजय अग्रवाल का सम्मान पूरी गरिमा के साथ किया गया।

डॉ. संकल्प राय ने साइबर अपराध से बचाव के लिए दी महत्वपूर्ण जानकारी
समारोह में साइबर क्राइम के नोडल ऑफिसर डॉ. संकल्प राय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने उन्हें कुछ समय के लिए मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों के संबंध में महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी दी।
डॉ. संकल्प राय ने विशेष रूप से बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या साइबर अपराध की घटना हो जाए अथवा ऐसी किसी घटना की आशंका हो, तो बिना समय गंवाए 1930 पर तत्काल संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1930 साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर है, जिस पर तुरंत संपर्क करने से संबंधित कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी मांगने वाले लोगों तथा बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से सावधान रहने की सलाह दी। डॉ. राय का यह संक्षिप्त लेकिन अत्यंत उपयोगी संदेश कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए संगीत के साथ-साथ जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी बन गया।
आयोजकों ने कहा कि आज के समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में मनोरंजन के साथ-साथ आम नागरिकों को जागरूक करना भी समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। इस दृष्टि से डॉ. संकल्प राय द्वारा दी गई जानकारी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी हिस्सा रही।
समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में उनकी भूमिका केवल विशिष्ट अतिथि तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने आयोजक एवं संस्था के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोगी के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों से लेकर आयोजन के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं में उन्होंने आयोजकों के साथ मिलकर सहयोग किया। संगीत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस आयोजन में उनकी सहभागिता को संस्था परिवार ने विशेष रूप से सराहा।
बरमेचा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन कलाकारों को मंच मिलता है जो संगीत को अपनी जीविका नहीं बल्कि अपने जीवन के खूबसूरत हिस्से और शौक के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में 60 और 70 के दशक के कठिन गीतों को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत करना निश्चित रूप से प्रशंसनीय है।
कुमारी संगीता मिश्रा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में कुमारी संगीता मिश्रा, एक्स आर्मी हरप्रीत सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया तथा संस्था के सातवें वार्षिक समारोह के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता—कोई भी कलाकार प्रोफेशनल सिंगर नहीं
पूरे कार्यक्रम की सबसे खास, प्रेरणादायक और उल्लेखनीय बात यह रही कि मंच पर प्रस्तुति देने वाले किसी भी कलाकार का मुख्य व्यवसाय गायन नहीं है। सभी कलाकार अपने-अपने अलग-अलग व्यवसाय एवं कार्यक्षेत्र से जुड़े हुए हैं और संगीत तथा गायन को अपने शौक एवं जुनून के रूप में अपनाए हुए हैं।
इसके बावजूद इन कलाकारों ने जिस आत्मविश्वास, लगन, सुर और भाव के साथ पुराने गीतों को प्रस्तुत किया, वह अपने आप में सराहनीय रहा। खास तौर पर 60 के दशक के गीतों को प्रस्तुत करना कोई मामूली बात नहीं है। उस दौर के गीतों में गायकी की कठिनाई, सुरों की ऊंचाई, भावों की गहराई और शब्दों की स्पष्टता का विशेष महत्व होता है।
इन कलाकारों ने अपनी नियमित जीविका और व्यस्तताओं के बीच संगीत के लिए समय निकालकर न केवल अपनी प्रतिभा को जीवित रखा है, बल्कि मंच पर यह भी साबित किया कि संगीत के प्रति सच्चा लगाव हो तो बिना प्रोफेशनल सिंगर हुए भी कठिन से कठिन गीतों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।
स्वप्न भट्टाचार्य, सत्य पांडेय सहित सभी कलाकारों ने बांधा समां
कार्यक्रम में स्वप्न भट्टाचार्य, सत्य पांडेय, शेखर गोखले, डॉ. नितिन वैद्य, गुरजीत सिंह, दिव्याश्री, पॉली घोष, भास्वती बोस, सरोज खत्री, तुलिका घोष एवं सुलेखा शर्मा सहित सभी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।कलाकारों ने मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार, मुकेश, लता मंगेशकर, आशा भोसले, महेंद्र कपूर, कुमार सानू और हरिहरन जैसे महान पार्श्वगायकों के लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में केवल 90 के दशक के गीतों तक सीमित न रहकर 60 के दशक के अनेक कालजयी गीतों को भी प्रस्तुत किया गया। पुराने गीतों की कठिन गायकी के बावजूद कलाकारों ने जिस आत्मविश्वास और मधुरता के साथ उन्हें प्रस्तुत किया, उसे दर्शकों ने खूब सराहा। कई गीतों के दौरान दर्शक स्वयं भी कलाकारों के साथ गुनगुनाते नजर आए और शानदार प्रस्तुतियों के बाद सभागार तालियों से गूंज उठता रहा।
लाइव बैंड ने प्रस्तुतियों में भरी जान
कार्यक्रम की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता लाइव बैंड और वाद्य यंत्रों की संगत रही। मंच पर संगीतकारों एवं वाद्य यंत्र वादकों ने कलाकारों के गायन के साथ शानदार संगत प्रदान की। लाइव संगीत के कारण पूरे कार्यक्रम में एक अलग ऊर्जा और जीवंतता देखने को मिली। रिकॉर्डेड ट्रैक के बजाय कलाकारों द्वारा लाइव बैंड के साथ प्रस्तुतियां देने से गीतों में वह वास्तविक मंचीय एहसास दिखाई दिया, जिसने दर्शकों को पूरे कार्यक्रम से जोड़े रखा।
राजश्री नायर ने सभी कलाकारों का किया आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम की सफलता में आयोजक के.आर. संतोष की धर्मपत्नी राजश्री नायर की भूमिका भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे बेहद उत्साहित और सक्रिय नजर आईं। राजश्री नायर ने सभी गायक कलाकारों का मंच पर आत्मीय स्वागत किया तथा प्रत्येक कलाकार को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कलाकारों के सम्मान के इस क्रम ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण और आत्मीय वातावरण प्रदान किया। सभी कलाकारों, संचालक एवं कार्यक्रम से जुड़े सहयोगियों का भी पुष्पगुच्छ एवं शाल भेंट कर सम्मान किया गया। संस्था की ओर से कलाकारों और सहयोगियों के प्रति आभार एवं सम्मान व्यक्त करने का यह सुंदर प्रयास उपस्थित लोगों द्वारा सराहा गया।

एंकर जयंंत भरने ने किया प्रभावशाली संचालन
कार्यक्रम का संचालन एंकर जयंंत भरने ने प्रभावशाली एवं आकर्षक अंदाज में किया। उन्होंने एक प्रस्तुति को दूसरी प्रस्तुति से सहज रूप से जोड़ते हुए पूरे कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा। उनकी मंचीय प्रस्तुति और संचालन शैली ने कार्यक्रम की गति एवं गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सात वर्षों की संगीत यात्रा में एक और सफल अध्याय
संस्था के संस्थापक एवं मुख्य आयोजक के.आर. संतोष ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एसएनजी द स्वीट मेलोडीज़ पिछले सात वर्षों से संगीत प्रेमियों और स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है, जो पेशेवर रूप से गायन नहीं करते, बल्कि अपने कार्य और व्यवसाय के साथ संगीत के प्रति अपने प्रेम को जीवित रखते हैं। इस कार्यक्रम में कलाकारों ने 60 से 90 के दशक तक के गीत प्रस्तुत कर यह साबित कर दिया कि अच्छे संगीत की कोई उम्र नहीं होती और सदाबहार गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं।
संतोष ने कार्यक्रम की सफलता के लिए मुख्य अतिथि विजय बघेल, सभी विशिष्ट अतिथियों, डॉ. संकल्प राय, कलाकारों, संगीतकारों, लाइव बैंड, एंकर, सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा उपस्थित सभी संगीत प्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
दर्शकों की तालियों ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पुराने गीतों की शुरुआत होते ही सभागार में उत्सुकता दिखाई देती थी और गीत समाप्त होने के बाद जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाता रहा।
मुख्य अतिथि विजय बघेल द्वारा स्वयं गीत प्रस्तुत करना, डॉ. संकल्प राय द्वारा साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण संदेश देना, विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति, एसएसपी विजय अग्रवाल के लिए प्रतीक चिन्ह का सम्मानपूर्वक प्रदान किया जाना तथा सभी गैर-पेशेवर लेकिन प्रतिभाशाली गायकों द्वारा कठिन पुराने गीतों की शानदार प्रस्तुतियां—इन सभी कारणों से यह कार्यक्रम अपने आप में विशेष और यादगार बन गया।
“हमारे सुर, आपकी यादें” की भावना के साथ आयोजित यह शाम वास्तव में संगीत प्रेमियों की यादों में बस गई।
एसएनजी द स्वीट मेलोडीज़ का 7वां वार्षिक समारोह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुराने सुनहरे गीतों, स्थानीय प्रतिभाओं, सामाजिक जागरूकता और आपसी सहयोग का सुंदर संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम पूर्ण रूप से सफल रहा और उपस्थित संगीत प्रेमियों ने इसे एक यादगार एवं भावपूर्ण संगीत संध्या के रूप में अनुभव किया।




