दुर्ग| आज गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सह-प्रभारी संपत कुमार, विजय जांगिड़ एवं सरिता लाइफटांग भी बैठक में मौजूद रहीं। वहीं दुर्ग से पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण वोरा भी इस अहम बैठक में शामिल हुए।
बैठक में संगठनात्मक एवं जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख रूप से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने एवं कार्यक्रमों के आयोजन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही एसआईआर (Special Intensive Revision) में वंचित पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने को लेकर आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में जारी धान खरीदी के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं के निराकरण को लेकर भी गहन मंथन किया गया।
इस दौरान मनरेगा के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

अरुण वोरा ने कहा—
“यूपीए सरकार द्वारा लाई गई फ्लैगशिप योजना मनरेगा पिछले डेढ़ दशक से ग्रामीण भारत में रोज़गार और आजीविका का सबसे मज़बूत सहारा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को काम की वैधानिक गारंटी दी, पलायन को रोका और गांवों की अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान की।
लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इस ऐतिहासिक और अधिकार-आधारित कानून के मूल दर्शन व संवैधानिक आत्मा पर सीधा प्रहार किया है। सुनियोजित तरीके से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का नाम इस योजना से हटाकर उनकी विरासत को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां बापू के विचारों और ग्राम स्वराज की अवधारणा से दूर हो जाएं। कांग्रेस ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के माध्यम से इस साजिश के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगी।”
बैठक के अंत में कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों को लेकर पार्टी प्रदेशभर में सक्रिय रूप से आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाएगी, ताकि किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाया जा सके।




