Thursday, January 15, 2026

जीवन एक कर्म दर्शन,जैसा कर्म करेंगे, वैसी परिस्थितियाँ आएँगी… ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी कर्नाटक

सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन का प्रथम दिन…

भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में कर्नाटक हुबली से पधारी गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने चार दिवसीय “सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन” विषय पर ब्रह्माकुमारी टीचर्स बहनों की ट्रेनिंग प्रोग्राम के प्रथम दिन उन्होंने बताया कि सर्वशास्त्र शिरोमणि श्रीमद भगवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, अगर हम गीता के ज्ञान को जीवन में धारण करेंगे तभी इसका वास्तविक सार समझ में आएगा।

गीता-ज्ञान सिर्फ सुनने या पढने के लिए नहीं है उसे अपने विचार, व्यवहार, जीवन शैली में अपनाना जरूरी है।

सर्वप्रथम टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम का वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी दीदियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

वीणा दीदी ने बताया कि गीता हमें आत्म-ज्ञान, आत्म-चेतना और आत्म-शुद्धि का मार्ग दिखाती है, इससे जीवन में स्थिरता, शांति और संतुलन आता है।

जीवन एक कर्म दर्शन है ,जैसा कर्म करेंगे, वैसी ही परिस्थितियाँ आएँगी। इसलिए कर्म करते समय धर्म, सत्य और परमात्म-चेतना को ध्यान में रखना चाहिए।

गीता का ज्ञान सिर्फ व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण मानवता के लिए है।

आपने बताया कि गीता का संदेश हमें भय, चिंता, तनाव से दूर कर सच्ची आत्मनुभूति कराता है।

विशेषकर आज-कल की दौड़ भाग वाली जिंदगी, मानसिक तनाव, असंतुलन, भौतिकता के चक्र में ये गीता ज्ञान युवाओं व समाज दोनों के लिए सहारा बन सकते हैं।

इस टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न सेवा केंद्रों की ब्रह्माकुमारी बहने उपस्थित रह ट्रेनिंग प्रोग्राम का लाभ प्राप्त किया।

ताज़ा ख़बरें

खबरें और भी हैं...

अतिरिक्त ख़बरें