दन्तेवाड़ा। बस्तर संभाग में शांति स्थापना और पुनर्वास की दिशा में ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल एक बार फिर बड़ी सफलता लेकर आई है। पहल से प्रभावित होकर 65 लाख के कुल 27 इनामी सहित 37 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर आज समाज की मुख्यधारा में लौट आए। यह आत्मसमर्पण दंतेवाड़ा में चल रहे अभियान की सबसे प्रभावी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
‘पूना मारगेम’—बस्तर में स्थायी शांति का परिवर्तनकारी मॉडल
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि “पूना मारगेम—पुनर्वास से पुनर्जीवन, बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र विकास की दिशा में परिवर्तनकारी पहल बन चुका है।”
राज्य शासन, केंद्र सरकार, दन्तेवाड़ा पुलिस, स्थानीय प्रशासन और CRPF सभी मिलकर क्षेत्र में समावेशी विकास और शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
डीआरजी कार्यालय में 37 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
आज 30 नवंबर 2025 को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इनके आत्मसमर्पण का स्वागत—
- DIG दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप
- DIG CRPF दंतेवाड़ा राकेश चौधरी
- SP दंतेवाड़ा गौरव राय
- कमांडेंट्स 111वीं, 230वीं और 80वीं वाहिनी CRPF
- ASP दंतेवाड़ा रामकुमार बर्मन
उप कमांडेंट विमल (आसूचना शाखा)
की उपस्थिति में किया गया।
इस अभियान को सफल बनाने में DRG, बस्तर फाइटर्स, स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच दंतेवाड़ा, CRPF की विभिन्न बटालियन और RFT जगदलपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आत्मसमर्पित माओवादियों का बड़ा विवरण: 27 इनामी, 65 लाख की कुल राशि
सूची में शामिल प्रमुख माओवादी:
8 लाख इनामी
- कुमली उर्फ अनिता मंडावी – कंपनी 06, एसजेडसीएम गार्ड
- गीता उर्फ लक्ष्मी मड़काम – कंपनी 10
- रंजन उर्फ सोमा मंडावी – कंपनी 06
- भीमा उर्फ जहाज कलमू – कंपनी 02
5 लाख इनामी
- क्रांति उर्फ पोदिये गावड़े – ACM आमदई
2 लाख इनामी (कई सदस्य)
मुन्नी कर्मा, लक्ष्मी अटामी, कृष्णा पदामी, मंगड़ी हेमला, दशरू डोडी, नंदू मंडावी, विज्जा मिच्छा… आदि
1 लाख इनामी
हिड़मे कुहड़ाम, हुंगी सोड़ी, राजू उर्फ गांधी, जनकू वेको, बुधराम, सुक्की ताती, सुकलू, टाकलू, बामन, अर्जुन, सोमारी, विजय, फुलमती सहित कई सदस्य
निरंक इनामी (10 से अधिक सदस्य)
मारा लेकाम, बुगुर हेमला, बबलू ओयाम, मंगडू, बामन उर्फ साई, मल्ला, पांडू ताती, नंदा मड़काम, देवे मड़काम, लिंगा कुंजाम आदि
कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे थे आत्मसमर्पित माओवादी
कई माओवादी गंभीर घटनाओं में शामिल रहे—
- 2024, गोबेल-थुलथुली जंगल मुठभेड़ – कुमली, गीता, क्रांति, हुंगी शामिल
- 2019–2020, भैरमगढ़-केशकुतुल व मिनपा की बड़ी घटनाएँ – भीमा उर्फ जहाज शामिल
- इसके अलावा अनेक माओवादी रोड काटने, पेड़ गिराने, पोस्टर लगाने, बंद सप्ताह के दौरान अवरोध खड़े करने जैसी गतिविधियों में शामिल थे।
20 महीनों में 508 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में लौटे
पूना मारगेम एवं पुनर्वास नीति की सफलता का दायरा लगातार बढ़ रहा है—
- 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी समेत 508+ माओवादी आत्मसमर्पित
- लोन वर्राटू अभियान के तहत 333 इनामी समेत कुल 1160 माओवादी आत्मसमर्पित
इनमें 916 पुरुष और 244 महिला माओवादी शामिल हैं।
पुनर्वास योजना के लाभ
आत्मसमर्पित माओवादियों को—
- ₹50,000 सहायता राशि
- स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण
- कृषि भूमि
- आजीविका पुनर्निर्माण की अन्य सुविधाएं
प्रदान की जाएँगी।
माओवादियों से अपील
दंतेवाड़ा पुलिस व जिला प्रशासन ने पुनः आह्वान किया है—
“हिंसा छोड़ें, शांति, पुनर्वास और सम्मान की राह अपनाएँ।
अपने परिवार, अपने समाज और अपने बस्तर के लिए मुख्यधारा में लौटें—दरवाज़ा हमेशा खुला है।”




