Saturday, January 17, 2026

यूनिवर्सल रेल मिल ने रचा अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक और अर्धवार्षिक उत्पादन रिकार्ड…

SAIL : यूनिवर्सल रेल मिल ने सितंबर माह में रोलिंग (95,593 टन), प्राइम (8,53,561) और पैनल (5,337 संख्या) के सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन के साथ अर्धवार्षिक उत्पादन के सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा है। अर्धवार्षिक उत्पादन में रोलिंग (5.1 मिलियन टन), प्राइम (4.5 मिलियन टन), यील्ड (96.3%), 130 मीटर रेल कंपोनेंट (76%) और भारतीय रेलवे को रेल पातों का प्रेषण (4.6 मिलियन टन) हर क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर यूनिट देश की औद्योगिक प्रगति का प्रतीक बन गई है।


यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल यूनिट की उत्पादन क्षमता को प्रदर्शित करती है, बल्कि गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्ध आपूर्ति के प्रति यूनिवर्सल रेल मिल की प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करती है। भारतीय रेलवे को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली रेल की आपूर्ति कर मिल ने राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और भी सशक्त किया है।


आज निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र के नेत्रित्व में कार्यपालक निदेशक (परियोजना) एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीन निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) विपिन गिरी सहित अन्य मुख्य महाप्रबंधकों ने सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिए टीम यूआरएम को शुभकामनाएँ दीं।


इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र ने कहा कि सितंबर माह का प्रदर्शन विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा, जिसने पूरे अर्धवार्षिक आँकड़े को नई ऊँचाई दी।यह एक बड़ी उपलब्धि है इसके लिए सभी बधाई के पात्र है।


भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने कहा कि यह सफलता टीम की मेहनत, तकनीकी दक्षता और निरंतर सुधार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) टीम को बधाई दी और टीम के सम्मान में हनुमान जी की टीम का उदाहरण दिया, जो शक्ति, समर्पण और सेवा के प्रतीक हैं। यूआरएम टीम ने भी प्रत्येक चुनौती को निष्ठापूर्वक, टीमवर्क और बुद्धिमत्ता के साथ पूरा किया तथा भविष्य में भी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहने का संकल्प लिया है।


यूनिवर्सल रेल मिल के विभाग प्रमुख विशाल गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि टीम भावना, तकनीकी उत्कृष्टता और सतत नवाचार का परिणाम है। सभी संबंधित कर्मचारियों को इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई और भविष्य में भी इसी तरह की उपलब्धियों की आशा जताई। उन्होंने आरआईटीईएस टीम के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और साथ ही सहयोगी विभागों आरसीएल, टी & डी, इन्कॉस, सुरक्षा सेवाएँ एमएंडयू, रेफ्रेक्टरीज़, पीपीसी तथा इंस्ट्रूमेंटेशन की भी प्रशंसा की, जिन्होंने इस सफलता में प्रमुख भूमिका निभाई।

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