सहकारी सोसाइटियों में यूरिया-डीएपी का संकट, खेती छोड़ भटक रहे किसान…जिले की सोसाइटियों में खाद की किल्लत, निजी दुकानों में भरपूर स्टॉक…पढ़िए खबर

राजनांदगांव। जिले में रासायनिक खाद की मांग के अनुरूप शासन की ओर से सप्लाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि ज्यादातर सोसाइटियों में यूरिया और डीएपी खाद की कमी बनी हुई है। खाद के लिए पहुंच रहे किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। पखवाड़े भर पहले से जिन किसानों ने खाद के लिए टोकन लिया है, उन्हें भी अब तक आवंटित नहीं हुआ है। जबकि निजी दुकानों में यूरिया-डीएपी का पार्यप्त स्टॉक है। ऐसे में मजबूरन किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम में खाद की खरीदी करनी पड़ रही है।

यूरिया व डीएपी खाद नहीं मिल रहा –

प्री-मानसून के साथ जिले के किसान अब खेती कार्य के तहत धान की बोनी करने में जुट घए है।
सोसायटियों में किसानों को यूरिया व डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में खाद-बीज लेेने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जबकि अभी किसान अपनी तैयारी के हिसाब से खेतों की सफाई और जोताई के अलावा नर्सरी में धान की पौध तैयार कर रहे हैं।

जिले में 74 सहकारी सोसाइटियां हैं, जिनसे 1 लाख 40 हजार किसान जुड़े हुए हैं। ये किसान अभी खरीफ सीजन की फसल को लेकर तैयारी में जुटे हैं। ऐन सीजन के समय में सोसाइटियों से खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। किसान खेती काम छोड़ खाद के लिए सोसायटियों का चक्कर लगाने मजबूर हैं।

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