पीसेगॉव (दुर्ग) | पीसेगॉव ग्राम में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस का शुभारंभ आध्यात्मिक ऊर्जा, वैदिक परंपरा और भक्तिमय वातावरण के साथ हुआ। प्रातः 9:00 बजे नवग्रह शांति के उद्देश्य से पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन विधिविधान से संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, आहुति एवं सामूहिक साधना से संपूर्ण यज्ञ परिसर आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत हो गया। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर विश्व कल्याण, पारिवारिक सुख-शांति एवं राष्ट्र उन्नति की कामना की।
यज्ञ संपन्न होने के पश्चात दोपहर 1:00 बजे से श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कथावाचक ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यबोध पर प्रभावशाली एवं भावपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। द्वितीय दिवस की कथा में यह संदेश प्रमुख रूप से उभरकर आया कि श्रीराम का जीवन आज के समाज के लिए नैतिक मार्गदर्शन का सशक्त आधार है।

कथा के दौरान प्रस्तुत भजन-कीर्तन और राम नाम के संकीर्तन से वातावरण भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष के साथ भावविभोर दिखाई दिए। आयोजकों द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं, जिससे कार्यक्रम अनुशासित एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रहकर संस्कार, सद्भाव और सामाजिक चेतना का माध्यम बनता नजर आया। आगामी दिनों में श्रीराम कथा के अन्य प्रसंगों के श्रवण हेतु क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।