एकजुटता से सिंधी भाषा बोली को जीवंत रखने हेतु प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन ट्रेनिंग
समाज को धर्मांतरण लव जिहाद से समाज से बचाने हेतु होंगे सेमिनार
भिलाई। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा प्रदेश अध्यक्ष महेश दरयानी के नेतृत्व में प्रदेश की सभी 128 सिंधी पंचायतों की बैठक लेकर सामाजिक कुरीतियों को दूर कर बदलाव लाने के लिए लगातार प्रदेश स्तर पर बैठक आयोजित की जा रही है।इसी तारतम्य में रविवार को भिलाई शहर की सभी सिंधी पंचायतों की दो बैठकें न्यू खुर्सीपार सिन्धी भवन, झूलेलाल धाम वैशाली नगर में में आहूत की गई। जिसमें समाज को अनुशासित करने हेतु नियम बनाने के लिए सभी का समर्थन मांगा गया। जिसमें भिलाई शहर की वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत के अध्यक्ष दिलीप पवानी,हाउसिंग बोर्ड आदर्श सिंध ब्रादर मंडल के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी,खुर्सीपार पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष गोपाल दास चंदवानी, कैलाश वरंदानी,सेक्टर 4 सिंध ब्रदर मंडल के अध्यक्ष जय कुमार अंबवानी,कैंप 2 गुरुनानक सिंधी पंचायत के अध्यक्ष मनोज माखीजा और पूज्य सिंधी पंचायत भिलाई 3 के अध्यक्ष शामनलाल नत्थानी एवं सभी पंचायतों के कमेटी मेंबर उपस्थित हुए।जिसमें कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा पर चर्चा की गई। और समाज को एकता एवं अनुशासन के सूत्र में पिरोने के लिए समाज सुधार के उद्देश्य से कुछ सभी के सुझाव एवं सलाह मांगी गई।
जिसके अंतर्गत इस बैठक में समाज में आधुनिकता के कारण आ रही मुख्य कुरीति कॉकटेल और पूल पार्टी को प्रतिबंधित करने के लिए समर्थन मांगा गया। जिसका अधिकांश सदस्यों ने समर्थन किया।वैश्विक विरासत सिंधी भाषा,बोली को जीवित रखने के लिए समाज के युवक युवतियों का विवाह अपने समाज में ही करवाने की और आपस में घर के हर सदस्य से सिंधी भाषा में ही बात करने की अपील की गई। इसके अलावा विवाह के सभी आयोजनों को निर्धारित मुहूर्त में संपादित करने की अपील की गई। युवा पीढ़ी को सिंधी भाषा व बोली एवं संस्कृति,पर्वों के आयोजनों को सहेजने के लिए हर एक को आयोजन झूलेलाल धाम में करने की अपील की गई। प्रत्येक शुक्रवार को झूलेलाल धाम में निर्धारित समय में दैनिक पूजा अनुष्ठान में शामिल होकर संस्कृति का दीर्घकालिक महत्व समझाने की अपील भी की गई।

जिसके लिए समय-समय पर जिला प्रदेश और शहर स्तर सेमिनार आयोजित करने की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।सामाजिक एकजुटता से सिंधी भाषा बोली को जीवंत रखने हेतु प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन ट्रेनिंग होने की जानकारी उपस्थित सभी सदस्यों को दी गई। और ऐसे ही आयोजन जिला और शहर स्तर पर करने की भी अपील की गई। संस्कृति को जीवित रखने के लिए समाज को धर्मांतरण और लव जिहाद से समाज को बचाने लिए सेमिनार आयोजित कर समाज के युवाओं को जागरूक करने की सहमति सभी के द्वारा दी गई। इसके अलावा समाज के बच्चों को अपनी आत्मरक्षा के समय-समय पर प्रशिक्षण देने पर चर्चा की गई।और समाज की 6 से 14 वर्ष की बेटियों को भी समय समय पर बढ़ते यौन अपराधों के लिए महिला समिति द्वारा प्रशिक्षित करने की अपील की गई। साथ ही चेट्रीचंड्र पर्व के दिन प्रदेश स्तर पर शासकीय अवकाश घोषित करवाने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की बात कही गई।चेट्रीचंड्र पर्व के दिन हर सिंधी परिवार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की गई। चेट्रीचंड्र महोत्सव के माह में अपनी सहूलियत अनुसार सामाजिक एकजुटता परिलक्षित कर अपनी संस्कृति का प्रचार प्रसार करने भव्य बाइक एवं कार रैली शहर स्तर पर निकाल कर समाज के ईष्ट देव प्रकृति के स्वामी साईं झूलेलाल का संदेश प्रकृति का संरक्षण करने का अधिक से प्रचार प्रसार करने हेतु कहा गया। और अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे सिंधी परिवारों का चिन्हांकन कर उन्हें स्थानीय पंचायत से जोड़ने की अपील की गई।
इस बैठक में सिंधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष महेश दरयानी उपाध्यक्ष मनोहर शिवानी,जीवन बजाज,कोषाध्यक्ष कैलाश बालानी,सह कोषाध्यक्ष तनेश आहूजा,महासचिव बलराम आहूजा, सचिव अमर चंदानी,शिवन दास,राजू चंदनानी ,गोविंद कुकरेजा,मुरलीधर कारवानी,उपाध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी,भिलाई की पंचायतों से जय अंबवानी,दिलीप पवानी,शामनदास नत्थानी,मनोज माखीजा,अशोक गंगवानी, गोपाल दास चंदवानी, कैलाश वरंदानी, धरमदास बत्रा,प्रकाश डिंगा, प्रकाश मदनानी,राकेश नागदेव,गोपी राजपलानी, मनोहर लाल थदानी, रामचंद्र छुगानी,अशोक मूलचंदानी, ठाकुर साधवानी नरेश माखीजा, मिट्ठू मेघवानी, रमेश कुमार छतीजा,गोपाल राजपलानी,नानक छतीजा, ओमप्रकाश सचदेव,मनोज आहूजा,नवीन वरंदानी, सुरेश नागदेव, सुभाष भगत,अनिल थारवानी,श्याम वासवानी,हरीश हासिजा, हरीश पोपटानी,सभी पंचायतों के कमेटी मेंबर उपस्थित थे।