सूरजपुर। नए आपराधिक कानूनों को जन-जन तक पहुँचाने और नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूरजपुर पुलिस द्वारा कोतवाली परिसर में लगाई गई ‘नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी’ में युवाओं और छात्रों का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में लगाई गई इस प्रदर्शनी में तीनों नए कानून—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS)
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
- भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)
की प्रमुख धाराओं और प्रक्रियाओं को विस्तार से प्रदर्शित किया गया।
नए कानूनों को समझने जुटे छात्र—ज्ञानवर्धन का सुनहरा अवसर
शनिवार, 29 नवम्बर को कई शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएँ प्रदर्शनी देखने पहुंचे, जिनमें—
- डीएवी पब्लिक स्कूल भटगांव
- कन्या महाविद्यालय सूरजपुर
- जवाहर नवोदय विद्यालय बसदेई
- एकलव्य विद्यालय शिवप्रसादनगर
- अरुणोदय कोचिंग सेंटर
के विद्यार्थी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को पुराने और नए कानूनों के बीच के अंतर, आधुनिक आपराधिक जांच प्रक्रियाओं, डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका और त्वरित न्याय प्रणाली की संरचना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि—
“आज हमें कानूनों की बारीकियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। अब हम इन जानकारियों को दूसरों तक भी पहुँचाएँगे।”
नुक्कड़ नाटक बना प्रदर्शनी की जान — जागरूकता का सशक्त माध्यम
सूरजपुर पुलिस की इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक खास आकर्षण का केंद्र रहा।
डीएवी पब्लिक स्कूल भटगांव की टीम—
आर्या सिंह, आलिया रिज़वी, सिंवागी सिंह, अंशिका सिंह, अर्जुन, लालचंद, शाहिद रज़ा, वरदान सिंह, आध्या पाण्डेय और एकता सिंह—
ने नए कानूनों पर आधारित प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया।
नाटक में विद्यार्थियों ने—
- जीरो एफआईआर
- 90 दिनों में आरोप-पत्र दाखिल करने का प्रावधान
- फास्ट ट्रैक कोर्ट्स
- डिजिटल साक्ष्यों का महत्व
जैसी महत्वपूर्ण विशेषताओं को सरल और समझने योग्य शैली में प्रस्तुत किया।
इसके अलावा छात्रों ने नाटक में मारपीट, चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों से संबंधित नई धाराओं पर भी प्रकाश डाला।
नाद गूंजा—
“गलत काम—नो चांस, जागरूक नागरिक—भूलो मत!”

पुलिस अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम में यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय,
चौकी प्रभारी संतोष सिंह, संजय सिंह यादव, योगेंद्र जायसवाल, रघुवंश सिंह,
एएसआई बबीता यादव, कुसुमकांता लकड़ा,
साथ ही शिक्षक महेश निषाद सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सूरजपुर पुलिस द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों को कानूनों से जोड़ रही है, बल्कि समाज में कानूनी जागरूकता भी बढ़ा रही है। नए कानूनों की व्यापक जानकारी और आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली को समझने का यह अवसर युवाओं में कानूनी ज्ञान को मजबूत कर रहा है।