सबसे युवा नक्सल कमांडर हिड़मा ढेर—छत्तीसगढ़ को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में सबसे बड़ी जीत

आंध्रा के सीतारामराजू ज़िले में पत्नी समेत मारा गया खूंखार कमांडर

छत्तीसगढ़ के इतिहास में मंगलवार का दिन सुरक्षाबलों की बहादुरी और जज़्बे का प्रतीक बनकर दर्ज हो गया। बस्तर की धरती पर खूनी खेल खेलने वाले, देश के सबसे कुख्यात और मोस्ट वांटेड नक्सल कमांडर माड़वी हिड़मा को आखिरकार सुरक्षाबलों ने धूल चटा दी। आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेडुमिली जंगलों में हिड़मा अपनी पत्नी राजे सहित मार गिराया गया।

यह वही हिड़मा था, जिसकी तलाश छत्तीसगढ़, देश की सुरक्षा एजेंसियां और केंद्रीय खुफिया तंत्र वर्षों से कर रहा था।


17 घंटे की भीषण मुठभेड़—गोलियों से दहला जंगल

सोमवार भोर से शुरू हुई मुठभेड़ देर शाम तक चलती रही। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा जंगल गूंज उठा। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज के मुताबिक, इस भीषण लड़ाई में हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और कुल 6 नक्सली ढेर हुए। सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने सभी शव बरामद कर लिए हैं।


कहाँ हुई मुठभेड़?

आंध्र प्रदेश–छत्तीसगढ़–ओडिशा की त्रिकोणीय सीमा पर स्थित अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेडुमिली इलाके में यह बड़ी सफलता मिली।
हाल के दिनों में इस ज़ोन में माओवादी गतिविधियाँ बढ़ी थीं, जिसके बाद पुलिस ने विशेष अभियान छेड़ा था।


ढेर हुए नक्सलियों की पहचान

मारे गए 6 नक्सलियों में से 4 की पहचान पूरी तरह हो चुकी है—

  • Hidma – CC Member
  • Madagam Raje – पत्नी, SZCM
  • Lakmal – DCM
  • Kamlu – PPCM
  • Malla – PPCM
  • Deve – हिड़मा का गार्ड

कौन था हिड़मा?—नक्सलियों का सबसे खतरनाक दिमाग

  • जन्म: लगभग 1981, बस्तर का रहने वाला
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की सेंटरल कमेटी का सबसे युवा सदस्य
  • दरभा घाटी हमला (2013) का मुख्य साज़िशकर्ता
  • कई बड़े हमलों में उसकी सीधी भूमिका
  • गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपए का इनाम
  • हिड़मा नक्सलियों का वह चेहरे था जिसके नाम से सुरक्षा बलों पर खूनखराबा कराया जाता था। उसके मारे जाने से नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी को सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के नक्सल सफाए की दिशा में ‘गेम चेंजर’ सफलता

विशेषज्ञों का मानना है कि हिड़मा का खात्मा न सिर्फ बस्तर बल्कि पूरे नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी जीत है।
सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि यह ऑपरेशन आने वाले समय में नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

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