भिलाई के सेक्टर 4 में देश में बढ़ते आदिवासी उत्पीड़न के मामलों पर आदिवासी समुदाय के युवाओं ने की चर्चा। युवाओं ने कहा आज भी मणिपुर जल रहा है निर्दोष आदिवासी मारे जा रहे सरकार की ओर से हमें कोई सार्थक पहल नजर नहीं आ रही हैं, आदिवासियों का जन-जीवन राहत कैम्प तक सीमित वह बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था ठप नजर आ रही है। मध्यप्रदेश मे आदिवासी के ऊपर पेशाब की घटना हमें शर्मिंदा करती है।
महाराष्ट्र, झारखंड,ओडिशा राज्य में आदिवासियों की बेदखली बहुत निंदनीय है। छत्तीसगढ़ में हसदेव-तमनार के जंगलों की कटाई जारी है बस्तर के अबूझमाड़ में सलवा जुडूम के आड़ में आदिवासियों की जमीनों का बंदरबाट का ताजा मामला सामने आया है। आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन व अस्तित्व के संरक्षण के जिम्मेदार लोगों की भूमिका शून्य है जो हम युवाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
बैठक में चंद्रभान सिंह ठाकुर (पार्षद),कोमल नेताम,संजय शोरी, आशीष नेताम,किश्न ध्रुव, रवि ध्रुव, सतीश ठाकुर, निखिल मंडावी आदि उपस्थित थे।
