“जिला न्यायालय दुर्ग एवं तालुका न्यायालयों के ई-सेवा केंद्रों के सुचारू संचालन हेतु कर्मचारियों का प्रशिक्षण संपन्न”

माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर के दिशा-निर्देशन एवं माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के मार्गदर्शन में जिला स्थापना, दुर्ग में संचालित ई-सेवा केंद्रों के सुचारू, प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उक्त क्रम में दिनांक 27 जनवरी 2026 को जिला न्यायालय दुर्ग तथा तालुका न्यायालय पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा में संचालित ई-सेवा केंद्रों के बेहतर संचालन हेतु जिला स्थापना एवं तालुका न्यायालयों के नायब नाजिर एवं ई-सेवा केंद्रों में पदस्थ कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कम्प्यूटरीकरण कमिटी के अध्यक्ष पंचम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग की अध्यक्षता में तथा नोडल अधिकारी प्रथम अतिरिक्त, प्रथम सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, दुर्ग के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सहायक प्रोग्रामर श्री तरुण कुमार चंद्राकर एवं तकनीकी सहायक श्री ऋषिकेश द्वारा ई-सेवा केंद्र से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारियाँ विस्तारपूर्वक प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न डिजिटल सेवाओं, उनके प्रभावी उपयोग, कार्यप्रणाली एवं आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाने के तरीकों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि न्यायालय में आने वाले पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को उनके प्रकरणों से संबंधित आवश्यक जानकारी जैसे संबंधित न्यायालय का नाम, आगामी सुनवाई की तिथि, आदेश की स्थिति, प्रकरण की वर्तमान स्थिति आदि डिजिटल माध्यम से त्वरित, सुलभ एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से ई-सेवा केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यक्षमता एवं तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे न्यायालयीन सेवाओं को अधिक जनोन्मुखी, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। जिला न्यायालय प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर न्यायिक सेवाओं के डिजिटलीकरण को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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