नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों एवं उनके अधिवक्तागण के साथ सफलतापूर्वक बैठक सम्पन्न

दुर्ग। आज जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग (छ०ग०) की अध्यक्षता में आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों एवं उनके अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य लंबित वसूली प्रकरणों तथा परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत चेक बाउंस के प्रकरणों के प्रभावी निराकरण, आपसी सहमति से समझौता प्रक्रिया को बढ़ावा देने तथा लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के समाधान को सुनिश्चित करना था।

बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों के मध्य इस संबंध में चर्चा की गयी कि जिन प्रकरणों में समझौते की संभावनाएँ हैं, उनमें पूर्व तैयारी कर समझौता प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए, पक्षकारों से समन्वय स्थापित कर उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, छोटे ऋण, वाहन ऋण, उपभोक्ता ऋण एवं अन्य वसूली संबंधी मामलों में लचीला दृष्टिकोण अपनाते हुए यथासंभव समझौते की दिशा में प्रयास किया जाना चाहिए तथा लोक अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों की सूची समय से न्यायालय को उपलब्ध कराई जाए।
फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों एवं अधिवक्तागण ने उक्त बैठक में इस संबंध में आश्वत किया कि वे लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों को निराकरण हेतु प्रस्तुत करेंगे तथा समझौता प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने संबोधन में कहा कि नेशनल लोक अदालत न्याय प्रदान करने का एक सहज एवं सुलभ माध्यम है, जिसके माध्यम से पक्षकार कम समय एवं न्यूनतम खर्च में अपने विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि इस बार भी अधिक संख्या में मामलों का निराकरण कर न्यायपालिका की इस जनहितकारी पहल को सफल बनाया जाएगा। अंत में बैठक का समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव, विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के अधिकारीगण एवं उनके अधिवक्तागण, प्रिंट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण, न्यायालय एवं प्राधिकरण के कर्मचारीगण तथा पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।

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