- सुगर बिमारी से ग्रसीत था युवक,
- सर्रागोंदी गांव के दो युवक करते थे सेवा,
- उसके अलावा गांव का कोई भी व्यक्ति उसके मदद के आगे नहीं आया,
- एक ही कमरे में अकेले पडे रहता था,
- मां पिता का साया भी उठ चुका था,अनाथ था युवक,
(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू” जिला ब्यूरो चीफ खैरागढ़)
खैरागढ़ : श्रीराम गौ सेवा समिति के व्दारा एक असहाय ग्रामीण युवक की मदद की जो सुगर बिमारी से ग्रसीत था।।कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया में एक जानकारी सामने आई की, खैरागढ़ से 5 किलोमीटर दूर ग्राम सर्रागोंदी में एक युवक जिसका नाम नागेश्वर साहू (भोला) बताया गया।। इसके माता पिता का देहांत हो चुका है, रहने को घर भी नहीं है, घर था वो भी बिक चुका था और वह हाई शुगर से ग्रसित था, उसके पैरों में गंभीर चोट लगने से चलने में असमर्थ था।।

इतनी समस्याओं के बावजूद एक कमरे में कई दिनों से पड़ा रहता है ।। गांव के ही दो युवक साथी रानू और तोरण जिन्होने हमे इसकी जानकारी दी और ये ही इसके खाने पीने की व्यवस्था भी करते थे।।जिसकी सूचना मिलते ही श्री राम गौ सेवा समिति खैरागढ़ और गांव के साथीगण द्वारा एम्बुलेंस के माध्यम से खैरागढ़ सिविल अस्पताल लाया गया ।। जहां इसके इलाज और, खाने पीने की व्यवस्था किया गया और उचित उपचार और देख रेख के लिए रविवार 1 मार्च की शाम को इसे कोरबा में स्थित छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी (अपना घर आश्रम) भेजा गया, जिसे इनका बेहतर इलाज और आगे का जीवन यापन अच्छे से हो पाएगा।।
श्रीराम गौ सेवा समिति के व्दारा सर्रागोंदी गांव के निवासी भाई रानू और तोरण भाई को भी साधुवाद दिया गया क्योंकि उस बिमार युवक भोला का पूरा सर्रागोंदी गांव साथ नहीं दिया पर आप दोनों ने इसकी गति बना दिए।। आज कल लोग अपने घर के माता पिता का भी गंदगी साफ नहीं करते आप दोनों ने इंसानियत के नाते सारी व्यवस्थाएं की , साथ ही धमधा निवासी सिखा दीदी जिनकी मदद से भोला भाई कोरबा पहुंच पाया है, उनका भी बहुत बहुत आभार, साधुवाद।।





