श्रीराम मंदिर ध्वजारोहण महोत्सव : पूरे भारत में सांस्कृतिक उत्साह की गूंज, सनातन परंपरा का ऐतिहासिक उत्सव

टीम खबर आलोक | विशेष रिपोर्ट

आज का दिन भारत वर्ष के लिए सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के स्वाभिमान, श्रद्धा और आस्था का दिव्य पर्व बन गया है।
अयोध्या से लेकर कन्याकुमारी तक, हिमालय से कच्छ के रेगिस्तान तक—
हर ओर “जय श्री राम” की गूंज और दीपों की रोशनी से देश मानो पुनः एक बार स्वर्णिम अध्याय लिखते हुए नजर आ रहा है।

भगवा के उत्साह में डूबा हिंदुस्तान

शहरों में शोभायात्राएँ, गाँवों में मनोकामना दीप,
मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ और घर-घर में दीये जलाकर लोगों ने आज को
राम भक्ति और राष्ट्रभक्ति का संगम बना दिया।

लाखों लोग पारंपरिक परिधानों में, हाथों में भगवा ध्वज लेकर
सड़कों पर उतरे और श्रीराम के जयघोष से माहौल गूंज उठा।
देशभर के मंदिरों में विशेष ध्वजारोहण, सुंदरकांड पाठ,
और “राम जन्म” व “राम राज्य” का संदेश देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

अयोध्या में अलौकिक नज़ारा

अयोध्या आज फिर से इतिहास बनता हुआ दिखा।
रामलला के प्रांगण से उठती घंटियों की ध्वनि,
भक्तों की भीड़, और आकाश में लहराता भगवा ध्वज—
हर दृश्य ने दुनिया को यह संदेश दिया कि
“राम सिर्फ आस्था नहीं, भारत की आत्मा हैं।”

आस्था से भरी भावनाएँ, राष्ट्र से जुड़ी ऊर्जा

कई स्थानों पर युवाओं ने वह पंक्ति दोहराई जिसने उत्साह को नई ऊँचाई दी—

“चढ़ मुगलों की छाती पर भगवा हमने लहराया है,
कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है।”

यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की भावना है
जो वर्षों से राम मंदिर निर्माण को अपनी पहचान, परंपरा और धर्मसम्मान से जुड़ा मानते आए हैं।

पूरा देश एक सूत्र में बंधा

धर्म, जाति, क्षेत्र—सबसे ऊपर उठकर आज भारत एक ही ध्वज के नीचे खड़ा दिखाई दिया:
“राम का ध्वज, राम की संस्कृति और राम का गौरव।”

स्कूलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थानों और स्वयंसेवी समूहों ने
इस दिन को सांस्कृतिक एकता के महोत्सव में बदल दिया।
बच्चों ने रामायण पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं,
बुजुर्गों ने रामचरितमानस का पाठ किया, और
युवाओं ने सोशल मीडिया पर #जयश्रीराम को ट्रेंड बना दिया।

सनातनी समाज में उल्लास की लहर

श्रीराम मंदिर ध्वजारोहण महोत्सव को लेकर
प्रत्येक सनातनी परिवार, हर भक्त और समाज के सभी वर्गों में
उल्लास, गर्व और भक्ति का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।

लोगों का कहना है कि आज का दिन उन सपनों की परिणति है
जो पीढ़ियों से संजोए गए थे।


**हर सनातनी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

🚩 जय श्री राम 🚩**

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