झारखंड के रामगढ़ स्थित SAIL Refractory Unit (SAIL IFICO) में रविवार को घटी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारी बलदेव बेदिया की मालगाड़ी की चपेट में आकर मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर हंगामा किया गया और फिर GM कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ कर दी गई।
हालात इतने बिगड़े कि अधिकारी बाथरूम में छिपकर जान बचाने को मजबूर हो गए और पुलिस-गार्ड बेबस होकर खड़े रहे। अब एक और बड़ी खबर से घटनाक्रम और भी गर्माया है — बोकारो बोनस विवाद के चलते यूनियन ने 10 अक्टूबर को हड़ताल की घोषणा की है।
विस्तार से जानिए SAIL IFICO RAMGARH की घटना और 10 अक्टूबर की हड़ताल से कनेक्शन….
हादसा जिसने जनआक्रोश को जन्म दिया
रविवार भोर लगभग 4:15 बजे बलदेव बेदिया रेलवे ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गए। वह SRU के नियमित कर्मचारी थे और ड्यूटी के दौरान बाहर निकले थे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का आरोप है की कंपनी की लापरवाही से यह हादसा हुआ। यह सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण गुस्से में आ गए और शव को गेट पर रखकर धरना (PROTEST) शुरू कर दिया। उनकी मांग थी — “तुरंत स्थायी अनुकंपा नौकरी और आर्थिक पैकेज।”

24 घंटे तक सड़क पर रहा गुस्सा
शव हटाने से परिजन और ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। लगभग 24 घंटे तक गेट जाम रहा और उत्पादन गतिविधियां प्रभावित हुईं। विधायक निर्मल महतो और सांसद प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
कांफ्रेंस हॉल में बातचीत हुई, रात में 4 बार बैठक हुई और चारो बार वार्ता विफल रही, प्रबंधन ने नियोजन देने से इंकार कर दिया था। लेकिन जब तत्काल नियुक्ति का आश्वासन नहीं मिला तो भीड़ भड़क गई। GM ऑफिस में धावा और अफसरों की जान पर बनी महिलाएं और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर GM ऑफिस में घुसे। कंप्यूटर, टेबल, आलमारी और ऑफिस फर्नीचर तोड़ डाला। GM प्रवीण गुप्ता समेत अफसरों को बाथरूम में छिपकर जान बचानी पड़ी।
बाहर एक पुलिसकर्मी ने दरवाजा संभाला, लेकिन भीड़ के सामने पुलिस-गार्ड मूकदर्शक बनकर रह गए। चार अधिकारी किसी तरह भीड़ की गिरफ्त से बाल-बाल बचे।
प्रबंधन का झुकाव — मिला अनुकंपा नौकरी का पत्र
- भारी दबाव और आक्रोश के बाद मंगलवार सुबह प्रबंधन ने मृतक की पत्नी उलो देवी को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र सौंप दिया।
- EFBS योजना के तहत मृतक के अंतिम वेतन (₹83,008) के बराबर राशि हर माह मिलेगी।
- दुर्घटना बीमा के तहत ₹20 लाख की राशि बीमा कंपनी द्वारा दिलाई जाएगी।
- भविष्य निधि, पेंशन, EDLI और अवकाश नगदीकरण की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- मृतक को आवंटित आवास परिवार उपयोग कर सकेगा।
- दाह संस्कार हेतु ₹15,000 की तात्कालिक सहायता दी गई।
- जांच समिति गठित कर दी गई है, जो 15 दिन में रिपोर्ट पेश करेगी।
क्या 10 अक्टूबर को फिर होगा एक और बवाल?
SAIL IFICO – RAMGARH PROTEST की घटना का राजनीतिक और औद्योगिक अर्थ तभी और गहरा हो जाता है जब हम इसे SAIL-व्यापी माहौल से जोड़ते हैं। बोकारो स्टील प्लांट में बोनस विवाद के कारण यूनियन ने 10 अक्टूबर को हड़ताल (BOKARO STRIKE 10 OCT) का ऐलान किया है। NJCS बैठक में बोनस पर सहमति न बन पाने के बाद प्रबंधन द्वारा एकतरफा भुगतान को कर्मचारी संगठनों ने ठुकराया है। - यह वही समूह गतिरोध है जो मजदूरों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर रहा है — और अगर 10 अक्टूबर को बोकारो में हड़ताल होती है तो यह न सिर्फ बोकारो बल्कि अन्य SAIL यूनिट्स में तनाव-लहर पैदा कर सकती है। सवाल यह है: क्या रामगढ़ में उभरे ज्वार और बोकारो की हड़ताल मिलकर SAIL के अंदर एक बड़े, संयोजित विद्रोह (industrial unrest) का रूप ले लेंगे? यह वह मसला है जो आने वाले दिनों में हर स्टेकहोल्डर की निगाहों के बीच रहेगा।





