Thursday, March 5, 2026

सेल कर्मचारियों को दोहरा घाटा , वेतन समझौता के बाद सभी साईड की सुविधा या तो बंद या वर्षो से संशोधित नही !

जबकि सेल अधिकारियों के साईड की सभी सुविधाओं में लगातार वृद्धि तथा संशोधन जारी ।

बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने निदेशक कार्मिक सेल को पत्र लिखकर सभी नन स्टैचूअरी सुविधाओं को वर्तमान समय के हिसाब से संशोधित कराने का मांग किया है ।
सेल प्रबंधन द्वारा 2011—12 तक, कई नन स्टैचुअरी लाभों को सेव नन एक्स कार्मिको को दिया जा रहा था ।
उपरोक्त सुविधाओं की सूची सेल के वेबसाईट में कार्पोरेट सस्टैनिबिलीटी रिपोर्ट 2010-11 में दर्ज है ।
परंतु कालांतर में अधिकतर सुविधाओं का आर्थिक भार या तो कर्मचारियों पर डाल दिया गया या स्थगित कर दिया गया है या उन्हे संशोधित नही किया गया है । जबकि सेल अधिकारी वर्ग की विशेष सुविधाओं (मोबाईल सेट खरीद, फर्निचर एडवांश, कंप्यूटर/लैपटॉप एडवांश , ड्रेस में आयकर छूट) को लगातार नए दर के हिसाब से संशोधित किया जा रहा है ।

सेल नन एक्स कर्मचारियों के नन स्टैचूअरी लाभों की वर्तमान हालत निम्नलिखित है —
1 . सामुहिक दुर्घटना बीमा – कर्मचारियों के पैसे से दिया जाता है जबकि दुर्घटना की रोकथाम की प्राथमिक जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है । दुर्घटना से मृत्यु की संख्या बढ़ने पर सामुहिक बीमा का प्रिमियम भी बढ़ जाता है जिसका भार कर्मचारियों पर डाला जाता है ।
2 . ईएफबीएस लाभ – समान्य मृत्यु में अनुकंपा नियुक्ति को बंद कर इस योजना को लाया गया । जबकि कोल इंडिया लिमिटेड समेत कई पीएसयू में अभी भी अनुकंपा नियुक्ति योजना (समान्य मौत में भी) अभी भी चालु है ।
3 .अनुकंपा नियुक्ति – कार्यस्थल पर दुर्घटना तथा सलेक्टेड बिमारी से मृत्यु होने पर ही अनुकंपा नियुक्ति दिया जा रहा है । समान्य मौत होने पर कर्मचारी के आश्रितो को एसईबीएफ योजना (कर्मचारी के नौकरी काल तक) के तहत अंतीम बेसिक +डीए का भुगतान किया जाता है । जबकि कोल इंडिया लिमिटेड समेत कई पीएसयु में समान्य मौत होने पर भी कर्मचारियों के आश्रितो को अनुकंपा नियुक्ति दिया जा रहा है ।
4 . चिकित्सा सुविधा – सेल के सभी यूनिट में समान्य अस्पताल है , जहाँ भवन तथा अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है । परंतु पर्याप्त चिकित्सक, जाँच उपकरण, सहायक स्टॉफ की व्यवस्था नही करने के कारण सेल के यूनिटो से देश के अन्य निजी/सरकारी अस्पतालों में भारी संख्या में मरीजो को रेफर किया जा रहा है । इसको रेफर किये जा रहे मरीजो की संख्या का अवलोकन कर पता किया जा सकता है ।
5 . मेडिक्लेम योजना – यह योजना सेवानिवृत कर्मियों से प्रिमियम का भुगतान लेकर दी जा रही है ।
6 . चाईल्ड केयर लीव – यह योजना महिला कार्मिको तथा पुरुष कार्मिको के लिए लागु है ।
7 . शिक्षा सुविधा – सेल के लगभग सभी यूनिटो में उसके द्वारा संचालित विद्दालय बंद कर दिए गए है या निजी विद्दालयों को सौंप दिए गए है । सेल की जमीन पर सैकड़ो की संख्या में निजी विद्दालय ट्रस्टो के माध्यम से संचालित है। जिसमें सेल के उच्च अधिकारी ट्रस्टी है । साथ ही सेल के अधिकारीगणों के रिश्तेदार निजी विद्दालयों में कार्यरत है । परंतु अधिकतर निजी विद्दालयों का शुल्क काफी अधिक है ।(डीपीएस राँची को छोड़कर) सेल के कर्मचारी डीपीएस राँची के तर्ज पर निजी विद्दालयों के शुल्क तय करने का मांग कर रहे है , परंतु प्रबंधन के अधिकारी निजी विद्दालयों के ट्रस्ट में ट्रस्टी रहने के बावजुद नही करवा रहे है ।
सेल की तरफ से काफी कम दर पर निजी स्कुलो को जमीन, आवास दिया गया है । इसके अलावा बाजार दर से कम दर पर बिजली पानी की सप्लाई दिया जा रहा है ।
8 .वाहन अग्रीम – सेल कारपोरेट कार्यालय द्वारा इसको 2012 से स्थगित रखा गया है, जबकि पिछले 6 वित्त वर्षो से सेल को भारी मुनाफा हो रहा है तथा कुल कार्मिको की संख्या 50000 से नीचे आ गई है ।
9 . आवास निर्माण अग्रीम -सेल कारपोरेट कार्यालय द्वारा इसको 2012 से स्थगित रखा गया है । इसमें बैंको के मुकाबले काफी कम दर पर आवास ऋण उपलब्ध कराया जाता था । कर्मचारी अपने वेतन से कटौती कराकर आसानी से आवास ऋण समाप्त करा लेते थे । जब तक यह ऋण चालु था तब तक सेल के स्टील सिटी के बाहरी इलाको में काफी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ था । इस योजना के स्थगित होने से कर्मचारियों को निजी आवास लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है । कोल इंडिया, एनटीपीसी, नालको, तेल पीएसयु, एनएमडीसी में यह योजना अभी भी चालु है ।

10 .त्योहार अग्रीम – अंतीम बार वर्ष 2008 में इस योजना को ₹2000 से बढ़ाकर ₹5000 किया गया । तब से अभी तक इतनी ही राशी, त्योहार अग्रीम के रुप में दी जा रही है । जो सेल कारपोरेट प्रबंधन की गलत नीतियों को प्रदर्शित कर रहा है ।
11 . लाईफ कॉवर योजना – इस योजना को सामुहिक ग्रुप दुर्घटना बीमा में ही मर्ज कर दिया गया है ।
12 . दिर्घ सेवा पुरस्कार – कई दशक से इस योजना में पुरस्कार सामाग्री को संशोधित नही किया गया है । पुरे सर्विस काल में 25 वर्ष की सेवा पुरा करने के बाद सेलम स्टील का एक बर्तन सेट (औसतन मूल्य ₹4000) दिर्घ सेवा पुरस्कार के रुप में दिया जा रहा है । इसके विपरित इस्पात मंत्रालय की नवरत्ना कंपनी एनएमडीसी में 15 वर्ष से 40 वर्ष तक की नौकरी में कुल 5 बार 2 ग्राम स्वर्ण मुद्रा से लेकर 15 ग्राम स्वर्ण मुद्रा दिर्घ सेवा पुरस्कार के उपहार के रुप में दिया जा रहा है ।
13 . सेवानिवृती सम्मान – इस योजना मे भी वर्षो से उपहार के रुप में सेलम स्टील का बर्तन सेट (₹2500) दिया जा रहा है । जबकि नालको , एनएमडीसी में ₹40000 से अधिक का गिफ्ट कुपन दिया जाता है ।

14 . छात्रवृत्ति योजना – सेल कार्मिकों के मेधावी बच्चो को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई इस योजना में वर्षो से छात्रवृत्ति राशी को संशोधित नही किया गया है । अभी भी मात्र ₹150—500 प्रति माह छात्रवृत्ति राशी तय है । जबकि टाटा स्टील से लेकर कई पीएसयु ₹5000—20000 तक अपने कार्मिकों के मेधावी बच्चो को छात्रवृत्ति दे रहे है ।

उपरोक्त स्सटेनिबिलिटी रिपोर्ट 2011 में वर्णित नन स्टैचुअरी लाभो का लिस्ट ही वर्तमान सेल प्रबंधन की गलत नीतियों को बयाँ कर रहे है । यूनियन अपने पत्र के माध्यम से मांग किया है कि सेल कार्मिकों की उन्नती के लिए नन स्टैचुअरी लाभो में मौजुद सुविधाओं को कंपनी खर्च से संशोधित करे तथा उसमें मोबाईल सेट खरीद राशी, फर्निचर एडवांश, लैपटॉप एडवांश, बच्चो के उच्च शिक्षा हेतु ऋण, निःसंतान कार्मिको के लिए निःशुल्क आईवीएफ सूविधा आदि भी जोड़े ।

बयान,
हम सभी कर्मचारी सेल के स्टेक होल्डर है, हमारे साथ एनजेसीएस नेताओं के समर्थन के बल पर सेल प्रबंधन दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है ।
इसलिए हमारी यूनियन विवश होकर न्यायालय का रुख कर रही है ।
किशोर कुमार साव,
महासचिव , बीएकेएस भिलाई ।

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