भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को दिया था कैशलेस इलाज का भरोसा
2026 में छत्तीसगढ़ राज्य के बजट सत्र के दौरान कैशलेस इलाज की घोषणा होने से प्रदेश के लगभग 4.5 लाख कर्मचारी और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है । कर्मचारियों के विभिन्न संगठन निरंतर इसके लिए पिछले दो वर्षों से प्रयासरत् थे । प्रयासों के इसी क्रम में शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने विगत 5 जुलाई 2024 को ओम प्रकाश पाण्डेय एवं कमल वैष्णव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत चर्चा की थी और कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं से उन्हें अवगत कराया था । प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें यह भी बताया था कि कैशलेस इलाज से शासन पर भी कोई अतिरिक्त भर नहीं आएगा , क्योंकि कर्मचारियों के द्वारा इलाज पर किया गया खर्च पहले भी शासन चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में कर्मचारियों को भुगतान करता रहा है। लेकिन कैशलेस इलाज योजना से कर्मचारियों को इलाज कराने के समय तात्कालिक रूप से धनराशि जमा करने की परेशानी से निजात मिल जाएगी । डॉ. रमन सिंह जी ने कर्मचारी प्रतिनिधियों से किया गया अपना वादा आज छत्तीसगढ़ के बजट सत्र के दौरान कैशलेस इलाज की घोषणा के साथ पूरा किया है इससे कर्मचारी जगत में खुशी का माहौल निर्मित हुआ है । अमितेश तिवारी, सुनील स्वर्णकार, नारायण दास जोशी, राहुल झा, बी. प्रकाश, कौशल साहू, लिखन लाल भुआर्य, काशीनाथ सिंह, पवन सिंह, मिथिलेश कुमार देशलहरा, चंद्रकांत साहू, सुनील शर्मा, विजय श्रीवास्तव, विनोद ठाकुर, महेश ठाकरे, मनोज जोशी, प्रमोद साहू, संकल्प साहू रश्मि साहू,वर्षा हरिहरनो अभिषेक चंदन, निज़ाम, तोमन साहू, चुने राम साहू, नीलू थापा, हेमलता साहू, गीता गुप्ता सहित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कैशलेस इलाज की घोषणा पर खुशी जाहिर की एवं शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है ।