कलेक्टर अभीजीत सिंह सहित पुलिस प्रशासन के आला अफसर पहुंचे मौके पर, मचा हड़कंप
दुर्ग। प्रदेश किसान मोर्चा के एक बड़े नेता की जमीन पर दुर्ग जिले के ग्राम समोंदा नदी घाट के पास अफीम की खेती की खबर से हड़कंप मच गया। सूचना पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने मौके का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई शुरु की है। पुलिस ने एक भाजपा नेता को हिरासत में भी लिया है। जमीन भाजपा नेता की है, लेकिन खेती यहां राजस्थानी समूह द्वारा की जा रही है।
दो एकड़ जमीन में अफीम की खेती
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम समोंदा और ोंारी के पास स्थित खसरा नंबर 310 की यह जमीन मधुमती ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम पर हैं। कुल 9 एकड़ 92 डिस्मिल में खेती हो रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लगभग 2 एकड़ में अफीम की फसल भी लहलती दिखाई दी। लगभग 5 एकड़ में मक्के की फसल लगाई गई है और मक्के की फसल के बीच में अफीम के पौधे लगाए गए हैं और फल और फूल दोनों खिलते हुए दिख रहे हैं। कलेक्टर अभीजीत सिंह भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। कलेक्टर के साथ तहसीलदार और आरआई व राजस्व की टीम भी पहुंची। प्रशासन और पुलिस की टीम ने खेत में लगी फसल का सैम्पल भी एकत्र किया है।

लगभग 300 एकड़ जमीन है पुराने जमीदार के पास
ग्रामीणों का कहना है कि ताम्रकार परिवार इलाके के पुराने जमीदार हैं और इनके पास 300 एकड़ से ज्यादा जमीन होने का दावा किया जाता है। वर्तमान में विनायक ताम्रकार भाजपा किसान मोर्चा के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक के पद पर हैं। परिवार को फ्रेंसिंग पोल का व्यवसाय भी है। परिवहन विभाग के कार्यालय में भी विनायक की सक्रियता सर्वविदित है। मामला प्रकाश में आने के बाद समोंदा से भटगांव तक शिवनाथ नदी के किनारे फैले खेतों की भी हो रही खेती की जांच शुरु की गई है। इधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कांग्रेस दल के साथ समोंदा पहुंचकर निरीक्षण करने वाले हैं।
पटवारी से मांगी गई गिरदावरी रिपोर्ट
कलेक्टर अभिजीत सिंह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस साल धान कटाई के पहले डिजिटल सर्वे हुआ था, इस पटवारी से खेत की गिरदावरी रिपोर्ट भी मांगी गई है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि सर्वे के दौरान खेत में किस फसल की जानकारी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने राजस्व, आबकारी और एसडीएम से पूरी रिपोर्ट तलब की है। ताकि किस स्तर पर लापरवाही हुई हो तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।

अफीम की कीमत 5 लाख रुपए तक
जानकारी के मुलाबिक अंतरराष्टÑीय बाजार में अफीम की कीमत 5 लाख रुपए प्रतिकिलो तक होती है। इस अवैध कारोबार से बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
बच्चों की हुई थी पिटाई
ग्रामीणों का कहना है कि जिस बच्चे ने वॉटअप पर अफीम की खेती की फोटो शेयर की थी, उसे खेत की सुरक्षा पर लगे बाउसरों ने बुरी तरह पीटा था। परिवार के लोगों ने बच्चे का उपचार भी कराया है। डर के कारण बच्चा फिलहाल सामने नहीं आ रहा है।
खेती की जानकारी नहीं
भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का कहना है कि अफीम की खेती के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह जमीन अधिया में खेती करने के लिए दी गई थी। प्रीतिबाला ताम्रकार और मधुबाला ताम्रकार के खेत में राजस्थानी लोग चोरी छिपे अफीम की खेती कर रहे थे। मामले की जांच पुलिस कर रही है। उन्हें अफीम की खेती की जानकारी नहीं है।

बेहद चिंतनीय मामला, जांच के बाद होगी कार्रवाई
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि ग्राम समोंदा में अफीम की खेती की जानकारी मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया। शुरुवाती जांच में अफीम की खेती पाई गई है। जांच के दायरे में आने वाले सभी लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
सरपंच को गांव के वॉटअप ग्रुप पर मिली थी फोटो
दरअसल अफीम की खेती का राज खुलता ही नहीं, गांव के बच्चे होली के दिन होली खेलने के बाद शिवनाथ नदी नहाने गए। बच्चों की नजर अफीम के खूबसूरत फूलों पर पड़ी और बच्चों ने मोबाईल से फोटो खींचकर गांव के वॉटअप ग्रुप पर डाल दिया। समोंदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने बताया कि यह जमीन विनायक और बृजेश ताम्रकार की है। यह जमीन उनके परिवार के कई लोगों के नाम पर दर्ज है। वॉटअप ग्रुप में आई फोटो को सरपंच ने गूगल पर सर्च मारा तो वह अफीम का पौधा निकला। तब सरपंच अरुण गौतम ने इसकी जानकारी जेवरा-सिरसा पुलिस को दी। पुलिस सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी और भांडाफोड़ हुआ।




