कहा – भूपेश बघेल और उनके दिवंगत पिता पर टिप्पणी को बताया अमानवीय और अमर्यादित
राजनांदगांव। लोकसभा क्षेत्र को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव निखिल द्विवेदी ने सांसद संतोष पाण्डे पर जोरदार हमला बोलते हुए उनके सात वर्षों के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि इतने लंबे समय में सांसद ने क्षेत्र के लिए ऐसे कौन से सात बड़े काम किए जिन्हें लोग गर्व से याद कर सकें।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव निखिल द्विवेदी ने एक कड़े बयान में कहा कि राजनांदगांव लोकसभा की जनता आज भी विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के जवाब का इंतजार कर रही है। लेकिन इन मूलभूत मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सांसद संतोष पाण्डे धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। श्री द्विवेदी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी न केवल राजनीतिक स्तर की गिरावट को दर्शाती है बल्कि यह मानवीय और नैतिक पतन का भी प्रमाण है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन धर्म किसी मृत आत्मा को कोसने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने आगे कहा सनातन धर्म मर्यादा, संस्कार और संवेदना सिखाता है न कि नफरत। हम भी सनातनी हैं हमारे भी आराध्य प्रभु श्रीराम हैं। हम धर्म का सम्मान करते हैं और सभी धर्मों का भी करते हैं लेकिन राजनीति में धर्म का दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस महासचिव ने सांसद को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने वास्तव में कोई ठोस काम किया है तो जनता के सामने उसकी सूची रखें। लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो धर्म की आड़ लेकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास न करें। उन्होंने दो टूक कहा राजनीति में धर्म का दुरुपयोग बंद किया जाए। जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिशें रोकी जाएं। निखिल द्विवेदी ने अपने बयान के अंत में कहा कि राजनांदगांव की जनता सब देख रही है सब समझ रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब भी देगी। यह बयान आने के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।




