Thursday, January 15, 2026

भिलाई में बदहाल होती नेहरू की विरासत…

वरिष्ठ पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन के फेसबुक वाल से आज हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है। भिलाई उनके लिए खास मायने रखता था। एक दौर तक भिलाई ने नेहरू के नाम को खूब संजोया लेकिन अब हालात दूसरे हैं। नेहरू नगर चौक बदहाल है। यहां फ्रेम में जड़ी गई जवाहरलाल नेहरू के भिलाई आगमन की तस्वीरें फट चुकी हैं। प्रतिमा स्थल के चारों तरफ अवैध कब्जे हैं। दुखद बात यह है कि इसे नगर पालिका निगम भिलाई ने लगाया था, जहां कांग्रेस की सत्ता है। लेकिन सत्ता में रह कर भी कांग्रेसियों को यह बदहाली नजर नहीं आती। फिर आगे इनसे क्या उम्मीद कीजिएगा।

भिलाई में नेहरू से जुड़ी बाकी विरासत भी बदहाल है। सेक्टर-1 का नेहरू सांस्कृतिक सदन साल भर से मेंटनेंस के नाम पर बंद है। लंबी-लंबी घास चारों तरफ पसर चुकी चुकी हैं और दीवारें जर्ज्रर हो चुकी है।

लेकिन बीएसपी मैनेजमेंट के लिए नेहरू हाउस को संवारना प्राथमिकता नहीं है। सारे आयोजन अब कला मंदिर में ही निपट जाते हैं। ऐसे में भारी-भरकम बजट में कोई ऐसे भवन को क्यों संवारे, जिसमें नेहरू का नाम जुड़ा हो…इसलिए सन्नाटा पसरा हुआ है।

1989 में जन्मशताब्दी पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 नए रूप में सामने आया लेकिन अब इसके अस्तित्व पर ही संकट है। जवाहर उद्यान भी मैत्री बाग का हिस्सा होकर खत्म हो चुका है।

भिलाई स्टील प्लांट में रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल का उद्घाटन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 27 अक्टूबर 1960 में किया था। यादगार के तौर पर बाद में वहां उनकी प्रतिमा लगाई गई। भविष्य में भिलाई की तीसरी यूनिवर्सल रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल बनेगी, उसके बाद यह पुरानी रेल मिल भी अतीत का हिस्सा हो जाएगी। देश के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आज बस इतना ही….

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