दुर्ग में नेशनल लोक अदालत: एक दिन में 7.92 लाख मामले निपटे, 52.14 करोड़ का अवार्ड

दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआत, स्वास्थ्य शिविर-लंगर का भी आयोजन

दुर्ग: वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में जिला दुर्ग ने नया कीर्तिमान बनाया। 9 मई को आयोजित लोक अदालत में कुल 7,92,401 मामलों का निराकरण हुआ और 52,14,67,009.16 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। मुख्य न्यायाधिपति ने मुंगेली से वर्चुअल शुभारंभ किया।

38 खंडपीठों में हुई सुनवाई
प्रधान जिला न्यायाधीश के निर्देशन में जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुंब न्यायालय, भिलाई-3, पाटन, धमधा, किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, राजस्व न्यायालय और उपभोक्ता फोरम में लोक अदालत लगी। कुल 38 खंडपीठ गठित की गईं। प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने दीप प्रज्ज्वलित कर सुबह 10:30 बजे शुभारंभ किया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हुए राजीनामे
मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में बीजापुर में पदस्थ एसआई सुनील कुमार ईलमकार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संपर्क कर 1.80 लाख रुपये का अवार्ड पारित किया गया। जिला जेल बेमेतरा में निरुद्ध प्रार्थी सागर से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मारपीट के मामले में राजीनामा कराया गया। उतई थाना क्षेत्र के एक मामले में शहर से बाहर गए प्रार्थी को वीडियो लिंक से जोड़कर विवाद सुलझाया गया।

17,906 न्यायालयीन, 7.75 लाख प्री-लिटिगेशन मामले निपटे
लोक अदालत में 17,906 न्यायालयीन प्रकरण और 7,75,129 प्री-लिटिगेशन मामले निपटाए गए। इनमें बैंक के 49,771, विद्युत के 2,887 और दूरभाष के 355 मामले शामिल हैं, जिनमें 70.78 लाख की समझौता राशि रही। दाण्डिक 511, क्लेम 42, पारिवारिक 111, चेक अनादरण 381, व्यवहार वाद 41, श्रम न्यायालय 5 और स्थायी लोक अदालत के 8,118 मामले निपटे।

स्वास्थ्य जांच शिविर और लंगर भी लगा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से जिला न्यायालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगा। डॉ. निवेदिता गार्डिया व टीम ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों की जांच की। गुरुद्वारा शहीद बाबादीप सिंह व श्री गुरूसिंह सभा गुरुद्वारा ने निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की। केंद्रीय जेल दुर्ग ने बंदियों द्वारा निर्मित जेल उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई।

“वर्षों का विवाद मिनटों में सुलझा”
लोक अदालत में दाण्डिक, सिविल, परिवार, मोटर दुर्घटना, बैंकिंग, विद्युत व दूरसंचार के मामले आपसी समझौते से निपटाए गए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि लोक अदालत में न किसी की हार होती है, न जीत। वर्षों का विवाद मिनटों में सुलझ जाता है।

शुभारंभ अवसर पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रमेश शर्मा, सचिव रविशंकर सिंह, न्यायाधीशगण, अधिवक्ता और बैंक अधिकारी मौजूद रहे।

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