00साल में एक बार अक्ती त्यौहार के बाद प्रथम सोमवार को खुलता है, गुफा
00 ठाकुर टोला के राजपरिवार के सदस्य पुल्सकर परिवार के व्दारा गुफा खुलते ही पहले पूजा अर्चना की जाती हैं,ऐसी मान्यता है,
00 हजारों की संख्या में क्षेत्र वासी सहित,बाहरी राज्यों से भी लोग पहुंचे हैं, दर्शन को,
00 शासन प्रशासन और पुलिस प्रशासन के व्दारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम,
(यतेन्द्र जीत सिंह छोटू ब्यूरो चीफ जिला खैरागढ़) खैरागढ़ : मंडीप खोल गुफा जो साल में एक बार अक्ती त्यौहार के बाद पहले सोमवार को खुलता है, जिसे सर्वप्रथम ठाकुर टोला राजपरिवार के पुल्स्कर परिवार के व्दारा पूजा अर्चना की जाती है।। उसके बाद क्षेत्रवासीयो के व्दारा गुफा के अंदर प्रवेश कर भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर दर्शन लाभ और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।। छत्तीसगढ़ की पावन धरा अपने भीतर न जाने कितने प्राकृतिक रहस्यों और आध्यात्मिक केन्द्रों को समेटे हुए है : उनमें से एक है खैरागढ़ -छुईखदान-गंडई जिले के मंडीप खोल जो जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह छुईखदान ब्लाक के ग्राम ठाकुर टोला पर यह गुफा स्थित है,जो साल भर में केवल एक बार अक्षय-तृतीया त्यौहार के बाद प्रथम सोमवार को जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए इस गुफा के कपाट को राजपरिवार के सदस्यों के व्दारा खोला जाता है।।इस वर्ष भी भारी सुरक्षा व्यवस्था और जनता-जनार्दन के जन सैलाब के बीच शांति पूर्ण माहौल में गुफाके कपाट को खोला गया।।

घने जंगलों की चुनौती और दुर्गम डगर,16 बार नदी पार करना होगा
मंडीप खोल गुफा की यात्रा किसी कठिन परिक्षा से कम नहीं है।। प्राकृतिक सुंदरता और खतरों के बीच से गुजरने वाले इस मार्ग में जलमार्ग की बाधा,गुफा तक पहुंचने के लिए भक्तों को एक ही पहाडी नदी के घुमावदार रास्तों को 16 बार पार करना पड़ता है।।
कच्चे रास्ते और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच सफर पैदल तय करना पड़ता है
ठाकुर टोला और पैलीमेटा तक की पक्की सड़कें मौजूद है, उसके बाद का सफर घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों के बीच से पैदल ही तय करना पड़ता है।।
विशालकाय गुफा का स्वरूप प्रवेश व्दारा अत्यंत ही सकरा और छोटा है
गुफा का प्रवेश द्वार अत्यंत ही छोटा और सकरा और उसे झुक कर ही प्रवेश करना होता है।। लेकिन अंदर जाते ही यह किसी महल की तरह चौडी हो जाती है।।
गुफा के अंदर आक्सीजन की कोई कमी महसूस नहीं होती
हजारों की तादाद में लोगों के अंदर मौजूद और चारों तरफ से बंद होने के बावजूद गुफा के भीतर आक्सीजन की कोई कमी महसूस नहीं होती ।। इसके विपरित अंदर प्रवेश करते ही दर्शन करने वाले भक्तों को एक अलौकिक ठंडक का सुखद अहसास होता है।।
गुफा के अंदर भगवान शिव का वास
गुफा के अंदर शिवलिंग के लिए दर्शन के लिए भक्तों को लगभग 20 से 25 फीट ऊंची अस्थाई रूप से बनाएं गये लकड़ी की सिढीयो पर चढ़ना पड़ता है।।कठीन चडाई होने के कारण कुछ चुनिंदा श्रध्दालु ही पूर्ण रूप से शिवलिंग तक पहुंच पाते हैं और दर्शन लाभ ले पाते हैं।।
प्रशासन रही मुस्तैद और भविष्य की योजनाएं भी
भारी तादाद में पहुंचे वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मुस्तैद से तयारी कर रखी थी।। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही ताकि कोई अप्रिय घटनाएं न घट सके।। इस बार 40/50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी।।
स्वास्थ्य सुवीधा भी रही चुस्त, एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी
दुर्गम क्षेत्र होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के व्दारा विशेष शिविर लगाएं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था कर रखी थी।।
श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह भंडारे और पेयजल की व्यवस्था
जनसुविधाएं दर्शन करने आए दूरदराज से लोगों के लिए भंडारे और पेयजल की जगह जगह व्यवस्था की गई थी।।
सड़क निर्माण का आश्वासन: कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल
ठाकुर टोला के जमींदार और ग्रामीणों के व्दारा मांग पर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और जनप्रतिनिधियों के व्दारा ठाकुर टोला से मंडीप खोल गुफा मार्ग तक कच्ची सड़क को जल्द ही पक्की सड़क में तब्दील करने का आश्वासन दिया।।