19 धर्मांतरित लोगों की घर वापसी, शीतला मंदिर में विधि-विधान से हुआ धार्मिक अनुष्ठान
कांकेर। आमाबेड़ा क्षेत्र के ग्राम बड़े तेवड़ा में हुई घटना के विरोध में सर्व समाज द्वारा आहूत छत्तीसगढ़ बंद के बीच जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। बंद के माहौल के बीच आमाबेड़ा विकासखंड के ग्राम चिखली में 19 धर्मांतरित लोगों ने अपने मूल धर्म में पुनः घर वापसी कर समाज में वापसी की। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में सामाजिक चेतना, एकजुटता और समरसता के रूप में देखा जा रहा है।
शीतला मंदिर बना साक्षी, विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई घर वापसी
ग्राम चिखली में आयोजित इस घर वापसी कार्यक्रम में गांव के गायता, पटेल, समाज प्रमुखों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन शीतला मंदिर परिसर में किया गया, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सभी 19 लोगों को सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ पुनः उनके मूल धर्म में सम्मिलित किया गया।
मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और पारंपरिक रस्मों के बीच घर वापसी का यह कार्यक्रम पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर में शांति, विश्वास और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला।
समाज प्रमुखों का संदेश—एकता और भाईचारे से आगे बढ़ेगा समाज
कार्यक्रम के दौरान समाज प्रमुखों ने घर वापसी करने वाले सभी लोगों का हृदय से स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज सभी को समान दृष्टि से देखता है और मूल धर्म में लौटे सभी लोगों को पूरा सम्मान, सुरक्षा और सहयोग दिया जाएगा।
समाज प्रमुखों ने कहा—
“समाज की ताकत उसकी एकजुटता में होती है। हम सब मिलकर आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के बहकावे या दबाव में आकर किए गए धर्मांतरण से समाज को नुकसान होता है, इसलिए जागरूकता और संवाद ही इसका समाधान है।
छत्तीसगढ़ बंद के बीच सामाजिक संदेश
गौरतलब है कि यह घर वापसी ऐसे समय में हुई है जब पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ बंद के कारण तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में 19 लोगों की घर वापसी को सकारात्मक सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में सामाजिक संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करेगा।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घर वापसी
घर वापसी की यह घटना अब पूरे आमाबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे समाज में विश्वास बढ़ेगा और आने वाले समय में और लोग भी अपने मूल संस्कारों और परंपराओं की ओर लौटने के लिए प्रेरित होंगे।
छत्तीसगढ़ बंद के बीच आमाबेड़ा से आई यह खबर साफ संदेश देती है—समाज जब एकजुट होता है, तब हर चुनौती का समाधान संभव है।




