बहुप्रतीक्षित टिकरापारा पुल को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

6.86 करोड़ की लागत से मोती नाला पर बनेगा उच्चस्तरीय पुल, 27 मांग पत्रों के बाद मिली सफलता,


(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़ : वर्षों से बहुप्रतीक्षित टिकरापारा पुल (मोती नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग) के निर्माण को आखिरकार प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे की अनुशंसा पर नवगठित जिला खैरागढ़- छुईखदान-गंडई के लिए वर्षों से प्रतिक्षित मोतीनाला टिकरापारा पुल की स्विकृति मिल गई।। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹686.56 लाख (6 करोड़ 86 लाख 56 हजार रुपये) की स्वीकृति प्रदान की गई है।।

यह पुल खैरागढ़ कलेक्ट्रेट के समीप राममंदिर के पास से टिकरापारा होते हुए ग्राम अकरजन मार्ग पर बनेगा, जिससे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।। सांसद पांडे ने 5 नवंबर 2025 को सचिव,लोक निर्माण विभाग महानदी भवन रायपुर को उक्त पुल की स्वीकृति के लिए पत्र लिखा था।। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर पुल निर्माण के विषय को रखा था।।

सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने बताया कि पुल की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार, उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह,पूर्व विधायक कोमल जंघेल,जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ.बिसेसर साहू,जनपद अध्यक्ष डॉ. राजे श्री त्रिपाठी,नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा नंद चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष घम्मन साहू, बिशेसर दास साहू, प्रेम नारायण चंद्राकर, साहू समाज के जिला अध्यक्ष टिलेश्वर साहू, हेमू साहू, पूर्व जिला पंचायत सभापति लिमेश्वरी साहू सहित वार्ड के पार्षद चंद्रशेखर यादव सहित प्रीति यादव, सुनील यादव, राजू यदु कांता यादव सहित अन्य ने सांसद संतोष पांडे के प्रति आभार व्यक्त किया।।

बजट, योजना और तकनीकी शर्तें
यह कार्य जवाहर सेतु योजना (नाबार्ड पोषित) के अंतर्गत स्वीकृत हुआ है।। शासन आदेश में स्पष्ट किया गया है,कि निविदा आमंत्रण से पहले सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति, ड्राइंग-डिजाइन की मंजूरी और न्यूनतम 90 प्रतिशत बाधा-रहित भूमि की उपलब्धता अनिवार्य होगी।। यदि भू-अर्जन आवश्यक हुआ तो वह स्वीकृत राशि की सीमा में और विधिवत प्रक्रिया से ही किया जाएगा।। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।।

गुणवत्ता, समयसीमा और वित्तीय अनुशासन पर जोर
शासन ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, मितव्ययिता और समयसीमा के कड़े निर्देश जारी किए हैं।। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय, कार्य मात्रा में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि या अतिरिक्त दायित्व की स्थिति में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।। सामग्री और कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।। साथ ही अनुबंध अनुसार समय पर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में अर्थदंड सहित समयवृद्धि के प्रावधान लागू होंगे।।

क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
वार्ड पार्षद व वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव के अनुसार मोती नाला पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से बारिश के मौसम में होने वाली आवागमन की परेशानी समाप्त होगी, कलेक्ट्रेट और शहर के बीच संपर्क सुगम होगा तथा व्यापार, शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।।वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिली यह स्वीकृति खैरागढ़ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।।

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