Thursday, January 15, 2026

जहां अंधेरा है, वहां दीप जलाएं:डॉ.अजय आर्य

आर्य समाज ने शुरू किया दीपावली पर सेवा सप्ताह

सेवा ही सच्चा उत्सव है

दुर्ग। साथियों, आज खुशियाँ बाँटने के त्योहार दीपावली की तैयारी के दौरान खुला आश्रय, दुर्ग में सेवा कार्य करने अपने साथियों के साथ डॉ अजय पहुंचे। यहाँ घुमंतू एवं बेसहारा बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और देखभाल का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। आज कक्षा द्वितीय से बारहवीं तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों से आत्मीय भेंट और बातचीत हुई। उनके साथ संवाद, मुस्कान बाँटना और जीवन के प्रति उनका उत्साह देखना एक भावनात्मक अनुभव रहा। बच्चों के लिए नाश्ते एवं फलाहार की व्यवस्था की गई ताकि इस स्नेहभरी सुबह को वे प्रेम और अपनापन के स्वाद से याद रख सकें। सेवा के इस पवित्र कार्य में आशुतोष सिंह जी और संतोष पाण्डेय जी का सहयोग और संवेदनशील उपस्थिति विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। जहाँ करुणा है, वहीं सच्चा मानव धर्म है।

उल्लेखनीय है कि आर्य समाज मंदिर, सेक्टर 6, भिलाई के तत्वावधान में समाजसेवी डॉ. आचार्य अजय आर्य के नेतृत्व में सेवा का महाअभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जरूरतमंदों और वंचितों तक खुशियाँ पहुँचाना है। डॉ. अजय आर्य ने बताया कि वे अपने सहयोगियों के साथ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, चिकित्सालयों तथा गरीब बस्तियों में जाकर सेवा कार्य करेंगे। उन्होंने कहा- “मैं जब भी अपने आसपास के साथियों से संपर्क करता हूँ, तो महसूस करता हूँ कि सभी इस प्रकार के सेवा कार्यों से जुड़ना चाहते हैं, किंतु समय या साथ के अभाव में नहीं जुड़ पाते। ऐसे सभी लोगों के लिए हमारा निवेदन है- जिसके पास समय है, वह समय दे; जिसके पास धन है, वह धन दे; और जिसके पास भावना है, वह भावना दे। आइए, इस खुशियाँ बाँटने के महोत्सव को सच्चे आनंद का पर्व बनाएं।”

डॉ. आर्य ने इस अवसर पर शहर के विभिन्न संस्थाओं और समाजसेवियों से भी आग्रह किया कि वे दीपावली पर जरूरतमंदों के बीच खुशी बाँटने की पहल करें। उन्होंने कुछ प्रेरक सुझाव भी साझा किए- जैसे गरीब बच्चों और झुग्गी-बस्तियों में पटाखे एवं दीपक उपलब्ध कराना, जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉपी, किताब, पेन-पेंसिल प्रदान करना, अनाथालयों व वृद्धाश्रमों में भोजन एवं मिठाई बाँटना, तथा अस्पतालों में भर्ती रोगियों को फल एवं मिठाई वितरित करना। उन्होंने कहा कि इस कार्य में आर्य समाज, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), नेहरू युवा केंद्र, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, जैसी संस्थाएँ भी सक्रिय रूप से सहयोग कर सकती हैं।

डॉ. अजय आर्य ने सभी नागरिकों से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा- “आइए, इस दीपावली केवल अपने घर ही नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में भी एक दीप जलाएँ। क्योंकि जब कोई मुस्कुराता है, वहीं से असली दीपावली शुरू होती है।”

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