छत्तीसगढ़। छ०ग० उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग (छ०ग०) के मार्गदर्शन में “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी” (Vigilance Our Shared Responsibility) थीम पर आधारित भ्रष्टाचार निवारण जागरूकता सप्ताह के विशेष अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड परिसर दुर्ग में आज दिनांक 31अक्टूबर को विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर भष्टाचार निवारण हेतु सत्य निष्ठा की शपथ ली गई।
आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार का शिकार होता है या उसके संबंध में किसी प्रकार की जानकारी रखता है, तो उसे संबंधित थाने या उचित मंच पर इसकी शिकायत अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार आवश्यक है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत नहीं मांगनी चाहिए, बल्कि सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
प्रधान मजिस्ट्रेट ने आगे कहा कि परिवार, शिक्षा और समाज इन सभी माध्यमों से भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए। सरकारी कर्मचारियों को आचार संहिता के नैतिक मूल्यों को अपनाना और बढ़ावा देना चाहिए। भ्रष्टाचार निवारण से संबंधित कानूनों को सरल और सुगम बनाया जाना चाहिए ताकि रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जा सके। भ्रष्टाचार रोकने के लिए शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही आम जनता को भी भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भ्रष्टाचार पर कठोर निगरानी रखी जाए और सरकारी कार्यालयों में आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ। भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की सख्त निगरानी और कार्रवाई से ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उक्त शिविर में उपस्थित नागरिकों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम, नालसा (असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015, नालसा (गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन) योजना 2015, नालसा (जागृति) योजना 2025, लोक सेवाओं में पारदर्शिता तथा ईमानदार प्रशासनिक व्यवस्था के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त यह भी बताया गया कि भ्रष्टाचार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज की नैतिकता और विकास में बाधा है। उन्होंने सभी को नैतिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा और सत्यनिष्ठ आचरण अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट, सदस्य, अधिवक्तागण, अधीक्षक, परिवीक्षा अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।




