करुणा की विरासत: प्रसून कुशवाहा के नाम वृद्धजनों की सेवा का प्रेरक आयोजन

मानवता को समर्पित श्रद्धांजलि: दो वृद्ध आश्रमों में भोजन वितरण से स्मृति हुई अमर

पुण्यस्मृति में परोपकार- प्रसून कुशवाहा की याद में परिवार ने निभाया सेवा का संकल्प

दुर्ग। मानवीय मूल्यों और सेवा भावना को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत, दिवंगत प्रसून कुशवाहा की पुण्यस्मृति में आस्था वृद्ध आश्रम सेक्टर 8 एवं आस्था वृद्ध आश्रम सेक्टर 2 में वृद्धजनों को ससम्मान भोजन वितरित किया गया। परिवार की ओर से आयोजित यह सेवा कार्य 23 नवंबर को हुई उनकी असामयिक मृत्यु को समर्पित रहा, जिसमें वृद्धजनों की देखभाल और सम्मान को प्राथमिकता दी गई।

इस अवसर पर उपस्थित परिजनों ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि प्रसून कुशवाहा का जीवन करुणा, सहानुभूति और सेवा की भावना से परिपूर्ण था। उन्हीं जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए वृद्धजनों की सेवा का यह कार्यक्रम उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि है। भोजन वितरण के साथ-साथ वृद्धजनों की जरूरतों एवं स्वास्थ्य स्थितियों के प्रति भी संवेदनशीलता दर्शाई गई।
कार्यक्रम में उनके पति संतोष मौर्य एवं परिजन डॉ. अवधेश कुमार मौर्य, अनुपम मौर्य सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी परिजनों ने वृद्धजनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी खुशहाली की कामना की। आश्रम प्रबंधन द्वारा प्रसून कुशवाहा के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके नाम पर किया गया यह सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरक उदाहरण है।

विशेष आमंत्रित के रूप में उपस्थित डॉ. अजय आर्य ने अपने प्रेरक वचनों में कहा कि
‘प्रियजनों की स्मृति को जीवित रखने का सबसे पवित्र मार्ग सेवा का मार्ग है। जब किसी व्यक्ति की स्मृति में समाज के कमजोर, निर्बल और वृद्धजन की सेवा की जाती है, तो वह पुण्य कार्य न केवल दिवंगत आत्मा को शांति देता है, बल्कि समाज में मानवीयता और संवेदना की एक नई रोशनी भी जलाता है।’
उन्होंने परिवार की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रसून कुशवाहा के व्यक्तित्व की सरलता, विनम्रता और करुणा ने परिवार को यह प्रेरणा दी है कि उनकी स्मृति को सेवा के माध्यम से अमर रखा जाए।

वृद्धजनों ने भी प्रसून कुशवाहा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा परिवार को इस मुश्किल समय में शक्ति और धैर्य प्रदान करने की कामना की। आश्रम के सदस्यों ने भोजन वितरण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए परिवार का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार की मानवीय पहल को सामाजिक सहयोग का वास्तविक स्वरूप बताया। इस अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल भी बांटा गया।

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