मानवाधिकार दिवस पर संगोष्ठी में वतर्मान परिस्थितियों पर हुई गहन मंत्रणा

भिलाई। पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज़ (PUCL) के महासचिव श कलादास डेहरीया ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर सेक्टर–9 में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में मौलिक अधिकारों का निरंतर हनन हो रहा है, जो मानवाधिकारों के स्पष्ट उल्लंघन की स्थिति पैदा करता है।

वक्ताओं ने कहा कि

  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार लगातार सीमित किया जा रहा है।
  • आम नागरिकों का रोटी, कपड़ा, आवास जैसे बुनियादी अधिकारों पर संकट गहराता जा रहा है।
  • जल–जंगल–ज़मीन को कॉर्पोरेट कंपनियों के हाथों सौंपे जाने से आदिवासी समुदाय, किसान और मज़दूर अपने पारंपरिक अधिकारों से वंचित होते जा रहे हैं, जिससे उनके मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य के बढ़ते निजीकरण ने आम जनता की पहुँच को सीमित कर दिया है, जिससे सामाजिक असमानता और बढ़ रही है।
  • संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि इस भयावह सामाजिक–आर्थिक संकट के दौर में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष ही एकमात्र मार्ग है।
  • आज के कार्यक्रम में चमेली, महेश, मन्नु, संजना, ब्रम्हा, मैरी, मोहन, देवैया, निरा, भावना, संतोषी सहित सैकड़ों लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
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