हैवानियत से दहला नवागांव; 7 साल की मासूम से दरिंदगी, आक्रोशित जनता ने की सरेआम फांसी की मांग..

​राजनांदगांव। (नई दृष्टिबिंदु) संस्कारधानी के नवागांव वार्ड में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की खबर ने पूरे शहर के खून को खौला दिया है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है और सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।

​पुलिस की चुप्पी और सुलगता जन-आक्रोश
​सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। पुलिस की इस रहस्यमयी चुप्पी ने प्रेस और व्हाट्सएप ग्रुप्स में आग में घी डालने का काम किया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी वारदात पर प्रशासन मौन क्यों है? क्या अपराधियों को कानून का खौफ नहीं रह गया है?

​कांकेतरा कांड की यादें हुई ताजा: फिर उठी ‘फांसी’ की मांग
​इस घटना ने साल 2021 के चर्चित कांकेतरा कांड के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। उस समय भी कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद समाज की एकजुटता ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दरिंदे को फांसी की सजा दिलवाई थी। आज फिर वही मांग नवागांव के लिए उठ रही है।

​जनता के बीच इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि:
​सरेआम फांसी हो:
आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि ऐसे हैवानों को मानव मंदिर चौक पर जनता के हवाले कर देना चाहिए या बीच चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए।
​कोई पैरवी न करे: सोशल मीडिया पर वकीलों से अपील की जा रही है कि कोई भी अधिवक्ता इस नरपिशाच का केस न लड़े।
​बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा: शहर में चर्चा तेज है कि जिस तरह अन्य राज्यों में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल हो रहा है, वैसी ही कड़ी कार्रवाई यहाँ भी होनी चाहिए।

​रूह कांप देने वाली दरिंदगी
​7 साल की बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर हर किसी की रूह कांप गई है। लोगों का कहना है कि “जिंदा जला देना भी ऐसे राक्षसों के लिए कम सजा है।” समाज का एक ही स्वर है—न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को यह समझना होगा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज की अस्मत पर हमला है।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस जन-आक्रोश को देखते हुए कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और क्या मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिल पाता है?

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