रंगों और उमंग का पर्व होली इस वर्ष पूरे छत्तीसगढ़ में पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक रंग, गुलाल और खुशियों का माहौल दिखाई दिया। लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
दुर्ग जिले में होली का त्योहार इस बार विशेष रूप से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। इसके पीछे जिला पुलिस की सख्त और सतर्क व्यवस्था को अहम माना जा रहा है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी के चलते कहीं भी किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर सामने नहीं आई।

विधायक भी उतरे मैदान में
होली के दिन जनप्रतिनिधि भी सक्रिय दिखाई दिए। वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहे। खास बात यह रही कि वे “रिकेश एम्बुलेंस” के साथ क्षेत्र में घूमते हुए लोगों से मुलाकात करते रहे और नागरिकों से शांति, भाईचारे और संयम के साथ त्योहार मनाने की अपील करते रहे।
उनकी इस पहल को क्षेत्र के लोगों ने सराहा और इसे जनप्रतिनिधि की संवेदनशीलता से जोड़कर देखा।

दुर्ग जिले में सौहार्दपूर्ण माहौल
पूरे दुर्ग जिला में इस वर्ष होली का पर्व सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के कारण माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। बाजारों, मोहल्लों और कॉलोनियों में लोगों ने पारंपरिक उत्साह के साथ रंगों का त्योहार मनाया।
नई दृष्टिबिंदु परिवार ने भी खेली होली
इसी क्रम में नई दृष्टिबिंदु के पूरे परिवार ने भी एक साथ मिलकर होली का त्योहार मनाया। कार्यालय में पत्रकारों और सहयोगियों ने आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रंग-गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं और समाज में सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
इस तरह छत्तीसगढ़ और खासकर दुर्ग जिले में इस वर्ष होली का पर्व शांति, सुरक्षा और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दिया।





