Wednesday, March 4, 2026

बाल दिवस पर हेमा सक्सेना द्वारा सेवा कार्य एवं उपहार वितरण

भिलाई: बाल दिवस के अवसर पर समाजसेवी हेमा सक्सेना द्वारा बच्चों के बीच सेवा कार्य का आयोजन किया गया। उन्होंने मातृ छाया के नन्हे बच्चों के साथ बाल दिवस मनाते हुए उन्हें विभिन्न प्रकार के उपहार भेंट किए और स्नेहपूर्वक समय बिताया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।

हेमा सक्सेना ने कहा कि बाल दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके प्रति संवेदनशीलता का दिवस है। उन्होंने बताया कि इस सेवा कार्यक्रम की प्रेरणा उन्हें डॉ. अजय आर्य और आर्य समाज के सेवा कार्यों से मिली, जो समाज upliftment, शिक्षा और मानवीय मूल्यों के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनके मार्गदर्शन और विचारों ने उन्हें बाल दिवस को सार्थक तरीके से मनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बच्चों को प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाई गईं, स्वच्छता और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की गई तथा उन्हें अध्ययन-सामग्री और अन्य उपयोगी उपहार प्रदान किए गए।
हेमा सक्सेना का यह प्रयास समाज में सेवा, प्रेम और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देने वाला कदम सिद्ध हुआ। बाल दिवस पर किया गया यह आयोजन नन्हे बच्चों के लिए यादगार और उत्साह से भरा रहा।

मातृ छाया संस्थान संक्षिप्त परिचय
सेवा भारती द्वारा संचालित मात्र छाया संस्थान बोरसी में स्थित एक समर्पित सेवा केन्द्र है, जहाँ समाज के जरूरतमंद, परित्यक्त एवं असहाय बच्चों की देखभाल की जाती है। यहाँ दो माह से लेकर लगभग 10 वर्ष तक के बच्चे सुरक्षित वातावरण में निवास करते हैं।

संस्थान का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और भावनात्मक स्नेह प्रदान करना है, जिससे वे एक स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ सकें।
इस संस्थान का प्रबंधन सेवा भावना से प्रेरित टीम के द्वारा संचालित है, जिनमें डॉ. हिशिकर प्रबंध संचालकों में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। उनकी देखरेख में बच्चों की संपूर्ण देखभाल, विकास कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधा और शैक्षिक गतिविधियों का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया जाता है।

मातृ छाया संस्थान सेवा भारती के उस व्यापक मिशन का महत्त्वपूर्ण केंद्र है, जो समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों को सुरक्षित आश्रय और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त एवं अनुदान प्राप्त संस्था है।

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