नगपुरा। तपोभूमि उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में प्रतिवर्षानुसार दि 13 दिस. से दि 16 दिस. 2025 तक पार्श्व प्रभु जन्म-दीक्षा कल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ प्रभु का जन्म पोष बद दशमी एवं दीक्षा पोष बद ग्यारस को हुआ था, तीर्थ में तीर्थपति महाप्रभाविक उवसग्गहरं पार्श्वनाथ प्रभु प्रतिष्ठित है! इस परिप्रेक्ष्य में महोत्सव दरिम्यान देशभर के सैकड़ो धर्म प्रेमी पोष बद 9,10,11 को तीर्थ में रहकर अट्ठम तप (तीन दिवसीय उपवास) की आराधना करते है।
महोत्सव की जानकारी देते हुए तीर्थ अध्यक्ष गजराज पगारिया ने बतलाया कि इस महोत्सव में निश्रा प्रदान करने तीर्थ के परमोपकारी ,दिव्याशीषदाता व्याख्यान वाचस्पति, कविकुल किरीट लब्धिसूरी जी महाराजा समुदाय के गौरव प्रखर प्रवचनकार, शंखेश्वर प्रेमी पूज्यपाद आचार्य देव श्रीमद् विजय महासेन सूरीश्वरजी म० सा० विशाल साधु-साध्वीवृंद के साथ तीर्थ पधार रहे हैं! भुवन-भानु समुदाय के मुनिप्रवर जयपाल विजयजी म० सा०, मुनि प्रियदर्शी विजयजी म० सा०, मुनि तीर्थप्रेम विजयजी म०सा०की भी समृद्ध उपस्थिति रहेगा!

तीर्थ प्रतिष्ठाचार्य गच्छाधिपति श्रीलब्धि-विक्रम गुरुकृपापात्र आचार्यदेव श्रीमद् विजय राजयश सूरीश्वरजी म० सा० की दिव्य आशीष, तीर्थहितचिंतक पूज्य आचार्य श्रीमद् विजय वीतरागयश सूरीश्वरजी म० सा० की शुभाशीष एवं पूज्य प्रवर्तिनी शासन सेविका साध्वी वाचंयमा बेन म०सा० के असीम कृपा के साथ आप के आज्ञानुवर्तिनी तीर्थ सर्वोदय विकास के लिए समर्पित साध्वी वृंद प० पू० साध्वी लक्ष्ययशा म० सा०, व्याख्यात्री साध्वी प० पू० लब्धियशा म०सा०, प०पू०साध्वी आज्ञायशाश्रीजी म० सा० के मार्गदर्शन में महोत्सव के विभिन्न अनुष्ठानों की रूपरेखा के साथ विशिष्ट संरचना किया जावेगा।
महोत्सव में 12 दिस० को अट्ठम तपस्वियों का आगमन एवं अत्तरपारणा होगा। पोष बद 9 दि. 13 दिस० को शिवनाथ नदी तट पीपरछेड़ी से देशभर के 108 नदियों की जल का कलश यात्रा होगी। पोष दशमी को प्रात: मेरुपर्वत प्रांगण पर भव्य स्नात्र पूजा- जन्माभिषेक का विधान होगा। इसी दिन पूज्यवरों के प्रवचन अंतराल में चौदह सपनों का अवतरण- अष्टमंगल दर्शन के साथ जन्म कल्याणक उत्सव मनाया जावेगा। पोष बद 11को दीक्षा कल्याणक वरघोड़ा एवं तपस्वियों का सम्मान होगा।
महोत्सव का सम्पूर्ण लाभ पू०सा० श्रीलक्ष्ययशाश्रीजी म०सा० की विदूषी शिष्या साध्वी श्री लब्धियशाश्री जी म०सा० की प्रेरणा से स्व० शांतादेवी मदनलालजी भंडारी परिवार के संघवी संगीतादेवी संजय कुमार जी भंडारी नांदेड़ (महाराष्ट्र) द्वारा लिया गया है।
महोत्सव में तीनों दिन पूज्यवरों की निश्रा में महापूजन की संरचना विधिकारक अनिल हरण लिम्बड़ी द्वारा संगीतकार धर्मेश जैन परभणी के साथ किया जावेगा। इस अवसर पर सम्पूर्ण तीर्थ परिसर को विद्युतीय रोशनी से सजाया जावेगा! विशेष रूप से विक्रम आर्ट द्वारा रंगोली कलाकृति का प्रदर्शन, पोष दशमी रात्रि को कुमारपाल महाराजा के साथ स्वद्रव्य से जन्म कल्याणक महाआरती, पोष बदी ग्यारस को परदेशी महाराजा के साथ दीक्षा कल्याणक आरती का आयोजन होगा। दिनांक 16 दिसम्बर पोष बद बारस को प्रातः अट्ठम तपस्वीयों का पारणा होगा। इस महोत्सव में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होगा।