Wednesday, March 4, 2026

ग्राम जालबांधा में धूमधाम से संपन्न हुआ विशाल हिंदू एकता सम्मेलन: हजारों श्रद्धालुओं ने की भागीदारी, एकजुटता का लिया संकल्प

(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़ : जिले के ग्राम जालबांधा में आज एक ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।।जो समाज में सांस्कृतिक जागरण और एकता के प्रतीक के रूप में उभरा।। क्षेत्र के विभिन्न जिलों से उमड़े हजारों हिंदू भक्तों ने इस भव्य कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।। जिसने गांव की सड़कों को श्रद्धा और उत्साह की लहर से सराबोर कर दिया।। यह सम्मेलन न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प का मंच साबित हुआ।।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां दीं।। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े प्रमुख चिंतक अनिल श्रीवास्तव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।। उन्होंने कहा, “हिंदू समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता में है।। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को न केवल संरक्षित करना है, बल्कि उन्हें आधुनिक भारत के निर्माण में मजबूती प्रदान करनी है।। ईसाई धर्मांतरण के प्रयासों और इस्लामी प्रचार के दौर में संगठन ही हमारा कवच है।।” उनके उद्बोधन ने श्रोताओं में जोश भर दिया, और कई युवा स्वयंसेवकों ने संघ की शाखाओं में जुड़ने का संकल्प लिया।।

सामाजिक वक्ता के तौर पर पं. रामखिलावन महाराज (भागवताचार्य) ने धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से हिंदू दर्शन की गहराई को सरल शब्दों में समझाया।। उन्होंने भगवद्गीता के उपदेशों का हवाला देते हुए कहा, “संस्कृति की जड़ें मजबूत होंगी, तभी राष्ट्र का वृक्ष हरा-भरा रहेगा।। हमें अपने घर-परिवार से शुरू करके समाज तक एकता का संदेश फैलाना होगा।।” उनके प्रवचन ने विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को प्रभावित किया, जिन्होंने तालीयों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।।

महिला सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए , प्रणौति जैन (महिला प्रमुख) और जंत्री साहू ने अपनी बात रखी।। प्रणौति जैन ने कहा, “महिलाएं समाज की रीढ़ हैं।।हमें न केवल घर संभालना है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन में भी अग्रणी भूमिका निभानी है।। स्वयंसेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से ही हिंदू समाज मजबूत होगा।।” जंत्री साहू ने स्थानीय स्तर पर चली महिला सशक्तिकरण योजनाओं के सफल उदाहरण साझा किए, जो सम्मेलन में उपस्थित युवतियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने।।

अतिथि वक्ताओं में डॉ. फटिंग ने स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के हिंदू दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।। वहीं, ए.पी.के. सिंह ने युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण आह्वान किया।। उन्होंने कहा, “प्रति मंगलवार हनुमान चालीसा का साप्ताहिक सामूहिक पाठ हमारी आध्यात्मिक शक्ति को दोगुना करेगा।। यह न केवल भक्ति का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में एकजुटता और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी साबित होगा।। हर गांव और मोहल्ले में इसकी शुरुआत करें, ताकि हनुमान की कृपा से हमारी सांस्कृतिक विरासत अटल रहे।” उनके इस सुझाव ने युवाओं में उत्साह जगाया, और कई प्रतिभागियों ने तत्काल इस पहल को अपनाने का वादा किया।।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और प्रेरक वीडियो प्रस्तुतियां हुईं, जो पूरे आयोजन को जीवंत बना रही थीं।। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, संस्कारों की मजबूती और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना था।। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन वार्षिक श्रृंखला का हिस्सा है, जो आने वाले वर्षों में और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने ‘हिंदू राष्ट्र’ के नारे लगाते हुए एकता का संकल्प लिया।।
यह सम्मेलन न केवल जालबांधा बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ, जहां विविध जातियों और वर्गों के लोगों ने एक मंच पर आकर सद्भाव का संदेश दिया।।

ताज़ा ख़बरें

खबरें और भी हैं...

अतिरिक्त ख़बरें