भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्याय के तत्वावधान में एकीकृत राज्यस्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन एलसीआईटी महाविद्यालय बिलासपुर की मेजबानी में उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग, फार्मेसी एवं पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों से 20 पुरुषों व 12 महिलाओं की टीम ने भाग लिया जिसमें लगभग 200 खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया इसके अलावा बिना टीम के रैंकिंग वाले खिलाड़ियों ने भी ट्रायल में भाग लेकर विवि टीम में अपनी जगह बनाई।
पारंपरिक रूप से दीपप्रज्वलन व राजकीय गीत के साथ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एलसीआईटी शैक्षणिक समूह के चेयरमैन प्रमोद कुमार जैन ने की इस अवसर पर एलसीआईटी के वाइसचेयरमैम अंकित जैन, सचिव उपकार राय, इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. राजेश जयसवाल एवं उप प्राचार्य शुभी श्रीवास्तव, एलसीआई ऑफ कामर्स के प्राचार्य डॉ.अर्चना शुक्ला , स्कूल ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. रितेश जैन, कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. संदीप गुप्ता की गरिमामय उपस्थिति में हुआ।

प्रतियोगिता की संचालन व्यवस्था खेल अधिकारी एवं आयोजन सचिव ओमकार जायसवाल ने संभाली।
प्रतियोगिता की निगरानी पर्यवेक्षक कोंडल राव, वरिष्ठ खेल अधिकारी, बीआईटी दुर्ग तथा पूर्व लेफ्टिनेंट के.पी. यादव, खेल अधिकारी द्वारा की गई।
चयनकर्ता शुभम सोनी व रॉकी देवांगन, आर्बिटर के साथ विभिन्न महाविद्यालयों से आए कोच – मैनेजर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में कड़े मुकाबले देखने को मिले। उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता व उपविजेता टीमों को प्रभारी विश्वविद्यालय खेल विभाग किशोर कुमार भारद्वाज ने ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया जिसमें
पुरुष एवं महिला दोनों वर्ग की विजेता एसएसआईपीएमटी टीम रही वहीं पुरुष एवं महिला दोनों वर्ग की उप-विजेता शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर टीम रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलसीआईटी शैक्षणिक समूह के चेयरमैन प्रमोद कुमार जैन ने “शतरंज मस्तिष्क को तीक्ष्ण बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में धैर्य, रणनीति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।”
एलसीआईटी समूह के वाइसचेयरमैम अंकित जैन ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “तकनीकी शिक्षा के साथ मानसिक खेलों में उत्कृष्टता युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाती है। छात्र-छात्राओं की भागीदारी अत्यंत उत्साहजनक है।”
प्र. विवि खेल विभाग किशोर कुमार भारद्वाज ने कहा कि “विश्वविद्यालय शतरंज टीम का गठन पारदर्शी प्रक्रिया से किया जा रहा है, जिससे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरविश्वविद्यालयीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा।शतरंज खेल बुद्धिमत्ता और अनुशासन का उत्कृष्ट संगम है। खिलाड़ियों की प्रतिभा देखकर विश्वास है कि छत्तीसगढ़ की टीम राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेगी।”
आगामी समय में सीएसवीटीयू का प्रतिनिधित्व करने अखिल भारतीय पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता हेतु मुख्य टीम हेतु 5-5 तथा प्रतिक्षा सूची में 2-2 खिलाड़ियों का चयन विश्वविद्यालय शतरंज टीम चयनकर्ताओं द्वारा किया गया। चयनित खिलाड़ियों की सूची बंद लिफाफे में विश्वविद्यालय को भेज दी गई है।
यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में मानसिक खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।