जिनका एग्रीस्टेक से पंजीयन नहीं हो पाया उनका ऑफलाइन सोसायटी में पंजीयन हो
रायपुर। धान की फसल की कटाई शुरू हो गयी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दीपावली त्योहार, मातर के बाद फसल की कटाई जोरो पर चलेगी, ऐसे में सरकार, धान की खरीदी तुरंत शुरू की जानी चाहिए, देरी करने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 1 नवंबर तक किसानों का धान खेतों से खलिहान में आकर बेचने के लिये तैयार हो जायेगा, 15 नवंबर से खरीदी होने पर किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। जब से राज्य बना है, राज्योत्सव के दिन 1 नवंबर से ही धान खरीदी की परंपरा रही है, इस वर्ष भी 1 नवंबर से खरीदी हो। साय सरकार पिछले दो साल से 15 दिन देरी से 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करती है। ताकि कम किसानो का धान खरीदना पड़े।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन की तारीख बढ़ाने के बाद भी किसानों का पंजीयन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है, अभी भी लाखों किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। पोर्टल की दिक्कतों से परेशानी पैदा हो रही है। जबकि पिछले साल लगभग 28 लाख किसानों ने धान बेचा था। इस वर्ष 10 प्रतिशत की ग्रोथ होती है तो तीस लाख से अधिक किसानों का पंजीयन होना चाहिए। अनुमानतः अभी तक 7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पा रहा उनका सोसायटी के माध्यम से पंजीयन कराया जाना शुरू किया जाए। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य 25 लाख किसानों से धान खरीदने का है, मतलब इस साल सरकार की नीयत पूरे किसानों से धान खरीदी करने की नहीं है, क्योंकि धान बेचने के पात्र किसान तो 30 लाख अस्सी हजार से अधिक होंगे। शायद इसीलिए सरकार पंजीयन में दिक्कत पैदा कर रही।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पूछा कि डबल इंजन की सरकार यह बताये कि इस वर्ष धान खरीदी के लिये कितने बारदाना की आवश्यकता होगी तथा सरकार ने अभी तक कितने बारदाने का आर्डर दिया है। सरकार यह भी सार्वजनिक करे। सरकार की लापरवाही के कारण पिछले दो सालों में बारदाने की कमी के कारण धान खरीदी बाधित होती है। अतः समय रहते बारदाने की व्यवस्था होनी चाहिये तथा धान संग्रहण केन्द्रो में स्थान भी खाली कराया जाए ताकि जाम की स्थिति निर्मित हो।




