दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र के मुख्यालय स्थित सभाकक्ष में विगत दिनों 21वीं शताब्दी की नई शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत एक विशेष जन-जागरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय सरकारी प्रतिष्ठान से सेवानिवृत्त अभियंता देवेन्द्र कुमार दुबे ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया।
कार्यशाला के दौरान दुबे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली मुख्य रूप से केवल रोजगार तक सीमित हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में व्यक्तित्व विकास, आर्थिक आजादी और उत्तम स्वास्थ्य की शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, शिक्षा केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला होनी चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच एक विशेष प्रश्नावली साझा की गई, जिसमें जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचारणीय प्रश्न पूछे गए थे। इसके साथ ही दुबे ने युवाओं और समाज के लिए उपयोगी पुस्तकों की एक सूची भी प्रदान की, जिन्हें स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
क्षेत्रीय मुख्यालय परिसर स्थित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने माना कि कार्यस्थल के तनावपूर्ण माहौल के बीच ऐसे जीवन उपयोगी विषय न केवल कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी सहायक हैं। कार्यक्रम के अंत में श्री दुबे के अनुभवों और उनके द्वारा समाज सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सभी ने सराहना की।




