Thursday, January 15, 2026

दुर्ग में किसान कांग्रेस का धरना प्रदर्शन: धान खरीदी पंजीयन में हो रही गंभीर देरी, किसानों की मांगों को लेकर जताई गहरी नाराजगी

दुर्ग: प्रदेश में आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन अब तक करीब 65% किसानों का पंजीयन एग्रो स्टेट पोर्टल पर नहीं हो पाया है। इस कारण अधिकांश किसान अपनी फसल बेचने में असमर्थ हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजीयन प्रक्रिया में इस गंभीर खामी और किसानों की बढ़ती समस्याओं को लेकर आज किसान कांग्रेस ने दुर्ग में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया।

धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने की, जिनके नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। उन्होंने बताया कि पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण लगभग दो-तिहाई किसान पंजीयन नहीं कर पाए हैं, जिससे वे अपनी फसल धान की बिक्री के लिए अक्षम हो रहे हैं। किसान अपनी फसल बेचने के लिए मजबूरन बिचौलियों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने घोषणा पत्र में 3100 रुपये प्रति 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब तक समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है और न ही किसानों की फसल खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे हैं, जो किसी भी स्थिति में सहन योग्य नहीं है।

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि भाजपा सरकार कभी भी किसानों के हित में काम नहीं करती रही है। उन्होंने बताया कि पहले खाद और डीएपी के लिए किसानों को भारी संघर्ष करना पड़ा, अब धान बेचने के लिए पंजीयन की समस्या आ गई है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह दुर्ग कलेक्ट्रेट परिसर में एक किसान द्वारा आत्मदाह के प्रयास ने सरकार के प्रति किसानों की नाराजगी की स्थिति को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के किसानों के लिए 75000 करोड़ के कर्ज माफी के कदम की सराहना की और वर्तमान सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।

धरना प्रदर्शन में उपस्थित किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि यदि एग्रो स्टेट पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को तुरंत ठीक नहीं किया गया, पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई नहीं गई, और मैन्युअल पंजीयन की सुविधा नहीं दी गई तो प्रदेश के अन्नदाता किसान 3100 रुपये प्रति 21 क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।

धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि, जिनमें जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, तथा अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे, उन्होंने सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में किसानों की मांगें और समस्याएं विस्तार से लिखी गई हैं और सरकार से तत्काल सुधार की मांग की गई है।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेसी नेता उपस्थित थे, जिनमें रिवेंद्र कुमार यादव, देवेंद्र देशमुख, रिसाली महापौर शशि सिंह, टिकेश्वर लाल देशमुख, योग्यता चंद्राकर, राजीव गुप्ता, पहलाद वर्मा, दीपांकर साहू, कृष्ण देवांगन, नंदकुमार सेन, पुष्कर चंद्राकर, ममता यादव, जमुना ठाकुर, सुरेखा, श्री गणेश बालेश्वर साहू, जगदीश प्रसाद, दीपक जामवंत, गजपाल, तरुण बंजारे, ईश्वर साहू, सुखदेव यादव, प्रवक्ता नासिर खोखर, आनंद कपूर ताम्रकार, सुमित घोष, सौरभ ताम्रकार सहित अन्य कांग्रेसी और किसान शामिल थे।

किसान कांग्रेस का यह धरना प्रदर्शन प्रदेश सरकार को किसानों की गंभीर समस्याओं की याद दिलाने के साथ-साथ उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने का दबाव भी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो प्रदेश भर में किसान आंदोलन तेज करने की घोषणा की गई है।

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