भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के विपणन एवं व्यवसाय नियोजन (मार्केटिंग एंड बिसनेस प्लानिंग) विभाग के सभागार में स्टील स्क्रैप, आयरन स्क्रैप, कमर्शियल रेल्स आदि जैसे द्वितीयक इस्पात वस्तुओं की बिक्री को अधिकतम करने तथा ग्राहकों एवं विपणन अधिकारियों के मध्य समन्वय सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक “ग्राहक मिलन कार्यक्रम” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक (विपणन) पी. सुब्बा राव ने की। इस अवसर पर प्रमुख कुछ स्थानीय ग्राहकों आशीर्वाद इस्पात, विंध्यवासिनी स्टील इंडस्ट्रीज, काकन ट्रेडिंग इंडस्ट्रीज आदि के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विपणन एवं व्यवसाय नियोजन (एम एंड बीपी), वित्त एवं लेखा, सी एंड आईटी तथा एमआरडी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में विपणन विभाग द्वारा हाल ही में अपनाई गई डिजिटलीकरण पहलों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इनमें ई-नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में सुधार, ग्राहक पोर्टल की सुदृढ़ता, दस्तावेज़ीकरण की त्वरित प्रक्रिया तथा परिचालन दक्षता बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य तेज़, पारदर्शी एवं ग्राहक-अनुकूल सेवा सुनिश्चित करना है, जिससे व्यवसायिक सुगमता एवं ग्राहक संतुष्टि में वृद्धि हो सके।

परस्पर संवाद सत्र के दौरान ग्राहकों ने अपने दैनिक कार्य निष्पादन में आने वाली विभिन्न व्यावहारिक चुनौतियों को रेखांकित किया। इनमें वीएएन भुगतान में विलंब, हालिया ई-नीलामियों में दोषपूर्ण इस्पात वस्तुओं की सीमित उपलब्धता, क्रेन की उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ, उठाई गई सामग्री की अवशिष्ट मात्रा के समायोजन में जटिलताएँ, एरिया पास एवं श्रमिक संबंधी प्रक्रियागत समस्याएँ तथा ग्राहक पोर्टल में अपेक्षित लचीलेपन का अभाव प्रमुख रहे। इन सभी बिंदुओं को विधिवत संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागों सी एंड आईटी, एफ एंड ए तथा एमआरडी के साथ समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
ग्राहकों द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि विपणन अधिकारियों के साथ संयंत्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का संयुक्त भ्रमण आयोजित किया जाए, जिससे अनुपयोगी अथवा निष्क्रिय पड़ी अतिरिक्त सामग्रियों एवं स्पेयर पार्ट्स की पहचान कर उन्हें भविष्य में विक्रय हेतु सूचीबद्ध किया जा सके। प्रस्ताव पर अनुकूल प्रतिक्रिया देते हुए इसे जल्द से जल्द कार्यान्वित करने की सहमति व्यक्त की गई।




