गहन पुनरिक्षण अर्थात फिल्टर होने के बाद भी ड्राफ्ट सूची पर सवाल
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जावेद खान ने की लिखित मे आपत्ति दर्ज
सत्तारूढ़ दल के प्रभाव मे कार्य ना करे बी एल ओ
भिलाई। विशेष गहन पुनरिक्षण जैसा की नाम से ही जाहिर है कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण करना है जिसके तहत 2025 की स्थिति में विधानसभा सूची मे जिस किसी का भी नाम दर्ज है उसके नाम से गणना प्रपत्र जारी किया गया था और एस आइ आर के तहत ही गणना फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 18/12/2025 रखी गई थी और उसके बाद दिनांक 23/12/2025 को वोटर लिस्ट की ड्राफ्ट सूची जारी की गई है उस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में काफी विसंगति देखने मे आ रही है, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उसी का नाम आया है जिसने गणना फार्म जमा किया है चुनाव आयोग के आदेश के तहत बी एल ओ को घर घर जा कर गणना फार्म जमा करना था ताकि मतदाता का भौतिक सत्यापन भी हो जाए इतनी सब प्रक्रिया होने के बावजूद भी कुछ ऐसे लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है जिन्होंने आवास छह साल पहले ही बेच दिया था अब सवाल यह उठता है कि आखिर किसके दबाव मे बी एल ओ ने ऐसे लोगों का गणना फार्म जमा किया जिनको की शिफ्टिंग मे डाला जाना था इसी तरह का एक मामला भिलाई नगर विधानसभा 65 के भाग क्रमांक 2 मे अनुक्रमांक 534,538,539,544 मे दर्ज नाम पर विजयलक्ष्मी सोनी ने आपत्ति दर्ज की है कि मैने उक्त पते पर दर्ज आवास 2019 मे क्रय किया था आज मेरे मालिकाना हक वाले आवास मे एस आइ आर होने के बावजूद भी इन लोगों का नाम कैसे आ रहा है इस आपत्ति के साथ ही आज जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता जावेद खान ने इलेक्टोरल रजिस्ट्रीकरण अधिकारी योगिता देवांगन से कांग्रेस के बी एल ए सर्वश्री बी एल मालवीय,अरूण ठवकर, मोहम्मद जावेद,आर बी के राव के साथ मिल कर आग्रह किया कि बी एल ओ पर दबाव पूर्वक नाम जुड़वाने का षड्यंत्र भारतीय जनता पार्टी के संभावित पार्षद प्रत्याशीयों द्वारा किया जा रहा है फार्म छह भी बिना भौतिक सत्यापन किए हुए केवल घोषणापत्र को आधार बना कर जमा किए जा रहे हैं और कुछ लोगो का पता (00 )जिरो जिरो दर्शाया गया है जब की हमारे क्षेत्र मे बिना आवास के कोई भी मतदाता का नाम पूर्व में भी दर्ज नही था।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जावेद खान ने आरोप लगाते हुए बताया इतनी सब एस आइ आर की कठीन प्रकिया से गुजरने के बावजूद भी इस तरह की विसंगतियों का सामने आना एस आइ आर के औचित्य पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि बिना किसी के प्रभाव मे आ कर गलत तरीके से जोडे गये नामो को ड्राफ्ट सूची से हटाया जाए ताकि अंतिम प्रकाशन होने से पहले सभी विसंगतियों को दूर किया जा सके।
